पंडालों में विराजित हुईं शांति की प्रतीक अंबे मैया:अभिषेक महाआरती व विशेष श्रृंगार हुआ, आज ब्रह्मचारिणी की पूजा

बिलासपुर19 दिन पहले
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श्री श्री मां जय भवानी दुर्गा उत्सव समिति, टिकरापारा। - Dainik Bhaskar
श्री श्री मां जय भवानी दुर्गा उत्सव समिति, टिकरापारा।

शक्ति और साहस का पर्व नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार को हुईं। इस बार नवरात्रि 8 दिनों का होगी। नवरात्रि के 8 दिन में से 6 दिन रवि योग रहेगा। शहर के सभी मंदिरों में अभिजीत मुहूर्त पर घट स्थापना हुईं। नवरात्रि के पहले दिन पर्वतराज हिमालय की पुत्री मां शैलपुत्री की पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। माता शैलपुत्री को साहस और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

ब्राम्ह मुहूर्त पर पंचामृत से अभिषेक हुआ। इसके बाद पूरे विधि-विधान से षोडष उपचार और माता की मंगल आरती की गई। माता का श्रृंगार साड़ी, मंगलसूत्र, चूड़ी, बिंदी, करधन, नथनी, चुनरी और गेंदा व सेवंती, लाल फूल से किया गया। इस दौरान मातारानी को केला, सेब, पेड़ा और भक्तों द्वारा लाए गए मिष्ठान का भोग लगाया गया। हरदेव लाल मंदिर, सतबहिनी मंदिर बंधवापारा, काली मंदिर तिफरा, मरीमाई मंदिर मगरपारा, दुर्गा मंदिर जरहाभाठा, आई तुलजा भवानी मंदिर कुदुदंड सहित शहर की अन्य मंदिरों में भक्त सुबह से ही देवी दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे थे।

प्रतिदिन सुबह-शाम हवन होगा
ञकाली मंदिर तिफरा में नवरात्रि के पहले दिन पूरे विधि-विधान से माता की पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान दुर्गा सप्तशती हवन, काली सहस्त्रनाम और महाविद्या तंत्र हवन किया गया। मंदिर के भवानी महाराज ने बताया कि नवरात्रि के अवसर पर यह हवन प्रतिदिन सुबह-शाम किया जाएगा। माता को दाल, चावल, मेवा, फल व इत्यादि का भोग लगाया गया।

108 साधकों ने लिया साधना का संकल्प
गायत्री मंदिर विनोबा नगर में यज्ञ हुआ। साथ ही भक्तों ने साधना के लिए संकल्प लिया। इस दौरान भक्तों ने 24 हजार गायत्री महामंत्र का अनुष्ठान, 1008 गायत्री महामंत्र लेखन और 108 चालीसा पाठ करने का संकल्प लिया। आचार्य द्वारिका पटेल ने बताया कि 108 भक्तों ने साधना के लिए संकल्प लिया है।

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