तपती धूप में धरने पर बैठी महिला:दो साल का इंक्रीमेंट रोकने का आरोप; वरिष्ठ अधिकारियों ने शिकायत पर नहीं दिया ध्यान

बिलासपुर/ गौरेला2 महीने पहले
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पेंड्रारोड रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्य विभाग की महिला मुख्य कार्यालय अधीक्षक सीनियर सेक्शन इंजीनियर पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ तपती धूप में कार्यालय के सामने सड़क पर धरने पर बैठ गई। अकेले महिला कर्मचारी पूरे दिन ऐसे ही धूप में बैठी रही।

पेंड्रारोड रेलवे में सीनियर सेक्शन इंजीनियर मकसूद आलम 30 मई 2019 से पदस्थ हैं। उनके कार्यालय में पदस्थ मुख्य कार्यालय अधीक्षक सरस्वती चंद्रा ने आरोप लगाया है कि मकसूद आलम उनको पिछले दो साल से तरह-तरह से प्रताड़ित करते आ रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि वो उनको प्रभार नहीं दे रहे हैं और उल्टे गाली गलौज करते हैं। विरोध करने पर दो इंक्रीमेंट भी रोक दिया है।

स्टाफ का कोई भी कर्मचारी उनसे बात करता हैं तो उससे भी गाली गलौज की जाती है। 8 मई को उनके स्थान पर काम कर रहे दूसरे बाबू से जब मैंने चाबी ली तब से और प्रताड़ित कर रहे हैं। सहायक मंडल इंजीनियर अंकुश अग्रवाल से शिकायत करने पर भी निराकरण नहीं हुआ। उल्टे मकसूद आलम के कहे अनुसार काम करने को कह दिया गया। महिलाओं के लिए यहां वाशरूम तक की व्यवस्था नहीं है। जो है वहां भी कैमरे लगाए हैं। महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की जाती है।

आरोप को लगाते हुए सरस्वती चंद्रा गुरुवार को सुबह तपती धूप में 41 डिग्री सेल्सियस में धूप में सड़क पर बैठ गई और रोते हुए सभी को आपबीती बताती रहीं। इस बारे में जब सीनियर सेक्शन इंजीनियर मकसूद आलम का वर्जन लेना चाहा तो उन्होंने सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से इंकार कर महिला के आरोप को बेबुनियाद बताया। उन्होंने जानकारी भी दी कि उनके पति मलय दास को भी निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ सहायक मंडल इंजीनियर अंकुश अग्रवाल ने भी मीटिंग में होने की बात कही। वहीं, सांसद अरुण साव ने कहा कि महिलाओं के साथ सम्मान का व्यवहार होना चाहिए।

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