लोक अदालत:ढाई लाख मामलों का निराकरण कर 1 अरब 28 करोड़ का अवार्ड बांटा गया

बिलासपुर4 दिन पहले
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नेशनल लोक अदालत में 2 लाख 45 हजार 176 मामले का निराकरण किया गया। 1 अरब 19 करोड़ 28 लाख 31 हजार 90 रुपए का अवॉर्ड पारित किया गया। जिला कोर्ट में सुनवाई का निरीक्षण करने आए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस गौतम भादुड़ी ने कहा कि न्यायालयों में प्रकरण के लंबे चलने से पक्षकार परेशान होते हैं।

समय और धन का भी नुकसान होता है। लोक अदालत में प्रकरणों का त्वरित निराकरण होता है। धन की बचत होती है। वहीं जस्टिस पी.सैम कोशी ने कहा कि प्रकरणों के निराकरण से दोनों पक्षकारों को फायदा पहुंचता है। लोक अदालत में सिविल प्रकरणों में निराकृत होने पर न्याय शुल्क वापसी की भी व्यवस्था शासन ने की है। नेशनल लोक अदालत में हाईकोर्ट के 3 खंडपीठों में 45 प्रकरण निपटे। इस दौरान सालसा के सदस्य सचिव सिद्धार्थ अग्रवाल व विधिक अधिकारी शशांक दुबे मौजूद थे।

बच्चे के डीएनए टेस्ट के बाद पत्नी को साथ ले गया
अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश श्यामलाल नवरत्न की अदालत में 2016 का भरण पोषण का प्रकरणलगा। यहां पति ने बेटे को अपना मानने से इनकार कर दिया था। अदालत ने डीएनए टेस्ट कराया। डीएनए टेस्ट रिपोर्ट में आवेदिका व अनावेदक को बेटे काे पिता माना। इसके बाद वह पत्नी को साथ ले गया।

स्थायी लोक अदालत में 11 प्रकरण निपटे
स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष पंकज कुमार जैन व सदस्य सुरेश गौतम की पीठ में 11 प्रकरणों का निराकरण हुआ। तोषण अग्रवाल ने जोरापारा तालाब में जलकुंभी होने की शिकायत की थी, नगर निगम ने कार्रवाई नहीं की। उन्होंने स्थायी लोक अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया।

आदेश होने के बाद नगर निगम से तालाब से जलकुंभी की सफाई कर दी। हरीश चेलकर ने नगर निगम से बोर लगवाने की मांग की थी, कोई पहल नहीं होने पर स्थायी लोक अदालत पहुंचे। निगम ने बोर लगाकर पानी की सप्लाई शुरू करा दी है। डॉ. राहुल वर्मा ने बाबजी बिल्डर्स से वर्ष 2009 में अमेरी में 2277 स्क्वेयर फीट जमीन खरीदी थी। कब्जा मिल चुका था। बिल्डर ने रिकाॅर्ड ठीक कर नामांतरण पर सहमति दी है।

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