फर्जी वसीयतनामा का मामला:मालिक की मौत के बाद एक करोड़ का मकान हड़पने नौकर ने बनवाया फर्जी वसीयतनामा

बिलासपुर2 महीने पहले
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प्रतीकातमक फोटो - Dainik Bhaskar
प्रतीकातमक फोटो

मालिक की मौत के बाद नौकर ने फर्जी वसीयतनामा बनवाया। मकान हड़पने की साजिश कर रहा है। इतना ही नहीं वह उनके बैंक खाते से 3.30 लाख रुपए निकाल चुका है। उनके भांजी बहू की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का जुर्म दर्ज कर लिया है।

महिला के मामा ससुर की सहमति के बिना उनके बैंक खाता से नौकर ने 3 लाख 30 हजार रुपए निकाल लिए हैं और निधन के बाद उनके नाम से फर्जी वसीयतनामा तैयार करवाकर मकान को हड़पने की कोशिश कर रहा है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी का जुर्म दर्ज किया है।

मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। चितले कॉलोनी निवासी मुक्ता खनखोजे पति अशोक गोपाल राव 54 वर्ष प्राइवेट जॉब करती हैं। उनके मामा ससुर केडी पारगांवकर नि:संतान थे। उन्होंने किसी बच्चे को गोद भी नहीं लिया। अपने जीवनकाल में चितले कॉलोनी स्थित पक्का दो मंजिला मकान व बैक में जमा राशि के संबंध में 26 नवंबर 2014 को पंजीयन कार्यालय में अपनी पत्नी सुनंदा पारगांवकर के नाम से वसीयतनामा किया था। 23 मई 2015 को सुनंदा पारगांवकर का निधन हो गया। इसके बाद महिला के मामा ससुर ने 26 नवंबर 2014 को वसीयतनामा को निरस्त कराकर 11 नवंबर 2019 को अपने भांजे अनंता गोपाल खानखोजे के नाम पर पंजीयन किया। महिला के मामा ससुर का 19 मई 2021 को निधन हो चुका है। वसीयत के अनुसार बतौर स्वामी महिला देवर अनंता गोपाल खानखोजे व परिवार के लोग मकान में निवासरत हैं।

वसीयत के आधार पर नामांतरण का आवेदन नजूल अधिकारी के समक्ष लंबित है। इसी दौरान जानकारी मिली कि महिला के मामा ससुर का नौकर रतिपाल कश्यप अपने पक्ष में एक फर्जी वसीयतनामा नोटरी के समक्ष बनवाकर रखा है। इसमें हस्ताक्षर व अंगूठा उनके मामा ससुर केडी पारगांवकर का नहीं है। रतिपाल करीब एक करोड़ रुपए के मकान को हड़पना चाहता है। रतिपाल महिला के मामा ससुर की अनुमति व सहमति के बिना उनके जीवनकाल में उनके बैंक एकाउंट से 3 लाख 30 हजार रुपए एटीएम से अनाधिकृत रूप से निकाल लिया है।

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