भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्‌डा का ऐलान:जून 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगा एम्स, पीएम मोदी से ही कराएंगे उद्घाटन; वैक्सीन की 100% डोज लगाने पर दी बधाई

बिलासपुर7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कोठीपुरा एम्स में के शुभारंभ के अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा, सीएम जयराम ठाकुर और अन्य। - Dainik Bhaskar
कोठीपुरा एम्स में के शुभारंभ के अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा, सीएम जयराम ठाकुर और अन्य।

एम्स कोठीपुरा में ओपीडी सेवाओं के शुभारंभ को लेकर इंतजार खत्म होने के बाद अब इस बड़े स्वास्थ्य संस्थान के विधिवत उद्घाटन को लेकर भी एक अच्छी खबर है। रविवार को मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों तथा अधिकारियों के साथ एम्स का मुआयना करने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने ऐलान किया कि जून 2022 तक यह मेडिकल इंस्टिट्यूट पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा। अक्टूबर 2017 में इसकी नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी।

जून के बाद उन्हीं के हाथों इसका उद्घाटन करवाने का प्रयास करेंगे। रविवार को एम्स कोठीपुरा में ओपीडी सेवाओं का शुभारंभ करने के बाद कोविड वैक्सीनेशन की दूसरी डोज लगाने में हिमाचल के देश भर में अव्वल रहने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में नड्डा ने कहा कि दिल्ली में एम्स और चंडीगढ़ में पीजीआई 1960 में स्थापित किए गए थे। नड्‌डा ने कहा जरूरत पड़ने पर लोगों को सैकड़ों किलोमीटर दूरी तय करके इन्हीं स्वास्थ्य संस्थाओं के दरवाजे खटखटाने पड़ते थे। वाजपेयी सरकार के समय 6 एम्स खोले गए थे।

वहीं, 2014 में मोदी सरकार बनने पर देश भर में 15 एम्स को मंजूरी दी गई। एक एम्स का सालाना खर्चा 2000 करोड़ है। मोदी सरकार की तरह और भी ऐसे कई कार्य हैं, जो वाजपेयी सरकार के समय शुरू हुए। जाहिर है कि यदि वाजपेयी व मोदी जैसे नेता नहीं होते तो इनकी कल्पना नहीं की जा सकती थी।

नड्डा ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी के दस्तक देने पर अमेरिका जैसे विकसित देश इससे लड़ने में कहीं अधिक सक्षम थे, लेकिन वे त्वरित फैसला नहीं ले पाए। इसके विपरीत पीएम मोदी लॉकडाउन जैसा बोल्ड फैसला लेने में जरा भी नहीं हिचकिचाए। इसी का नतीजा है कि कोरोना भारत में अधिक नुकसान नहीं कर पाया। कोरोना महामारी फैलने के महज 4 माह के भीतर प्रधानमंत्री ने टास्क फोर्स गठित की तथा वैज्ञानिकों और दवा कंपनियों को प्रोत्साहित करके केवल 9 माह में वैक्सीन भी तैयार कर दी।

अब भारत इतना सक्षम हो गया है कि लगभग 120 करोड़ देशवासियों को कोरोना की फ्री वैक्सीन लगाने के साथ ही वह करीब 50 देशों को इसे निर्यात भी कर रहा है। भारत अब लेने वाला नहीं, बल्कि देने वाला देश बन गया है। देश को ऐसे ही सजग और सशक्त नेतृत्व की जरूरत है।

चुनाव में कोई जीते या हारे जैसी सोच ठीक नहीं है, बहुत अधिक फर्क पड़ता है
एम्स कोठीपुरा में ओपीडी सेवाओं के शुभारंभ के बहाने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हिमाचल की जनता को अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में सोच-समझ कर फैसला करने की सलाह दी। प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए उप चुनावों और उनके नतीजों का जिक्र किए बगैर नड्डा ने कहा कि जनता को यह बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए कि सजग और सशक्त नेतृत्व कौन दे सकता है।
भाजपा के लिए राजनीति समाज सेवा का एक माध्यम है। राष्ट्र हित उसके लिए हमेशा सर्वोपरि रहेंगे। नड्डा ने कहा कि लोग अक्सर कहते हैं कि चुनाव में चाहे कोई भी जीते, क्या फर्क पड़ता है। इस तरह की सोच ठीक नहीं है। इस बात का बहुत अधिक फर्क पड़ता है। यूपीए सरकार के समय कोई केंद्रीय मंत्री गलती से ही हिमाचल आता था, जबकि कोठीपुरा में एम्स का जायजा लेने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. मनसुख मांडविया यहां खुद पहंुचे हैं।
केंद्रीय सूचना-प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर भी साथ आए हैं। पूर्व में किसी विकासात्मक कार्य के लिए 40-50 लाख मांगने में भी हिचक होती थी, लेकिन अब सैकड़ों या हजारों करोड़ के काम बगैर किसी ना-नुकर के मंजूर हो रहे हैं। यही वो फर्क है, जो जनता को समझना होगा। बाद में पछतावा न करना पड़े।

कमाल के काम करता है छोटा सा हिमाचल: मांडविया
कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगाने के बाद दूसरी डोज में भी देशभर में पहले स्थान पर रहे हिमाचल की मिसाल अब अन्य राज्यों में भी दी जाएगी। रविवार को एम्स कोठीपुरा में आयोजित समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. मनसुख मांडविया ने हिमाचल को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि यह छोटा सा राज्य बड़े कमाल का काम करता है। भौगोलिक परिस्थितियां ऐसी हैं कि एक से दूसरी जगह जाने में 1-2 दिन भी लग जाते हैं।

डाॅ. मांडविया ने कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कमी कभी नहीं रही, लेकिन इससे पहले उन्हें पहचाना नहीं जाता था। पीएम नरेंद्र मोदी ने ऐसी प्रतिभाओं और शक्तियों को न केवल पहचाना, बल्कि उन पर भरोसा भी किया। इससे जहां व्यवस्थाओं में सुधार हुआ, वहीं इन्फ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत हुआ। यह मोदी का ही नेतृत्व और मार्गदर्शन था कि महज 9 माह के भीतर कोरोना की वैक्सीन तैयार कर ली गई।

अब प्रतिमाह लगभग 31 करोड़ टीके बनाए जा रहे हैं। एम्स कोठीपुरा को लेकर उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति चाहे कितने ही ऊंचे मुकाम पर पहुंच जाए, उसे अपने घर की चिंता हमेशा रहती है। एम्स के प्रति जेपी नड्डा की गंभीरता से ही इतना बड़ा प्रोजेक्ट पूरा होने जा रहा है। उन्होंने कोरोना टीकाकरण की उपलब्धि के लिए जयराम सरकार व हेल्थ वर्कर्स को बधाई भी दी।

खबरें और भी हैं...