बिलासपुर में BJYM पदाधिकारियों में झूमाझटकी:रैली में भीड़ नहीं जुटी तो पहले विवाद और फिर हाथापाई, बेरोजगारी के मुद्दे पर किया कलेक्ट्रेट का घेराव

बिलासपुर6 महीने पहले
BJYM पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ बोला हल्ला।

छत्तीसगढ़ में बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर गुरुवार को BJYM के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला, और नेहरू चौक से रैली निकालकर कलेक्टोरेट का घेराव किया। इस दौरान मंच पर बोलने नहीं देने से BJYM पदाधिकारी नाराज हो गए। इसके चलते पदाधिकारियों की जिला अध्यक्ष से बहस भी हुई। जब रैली शुरू हुई तो धक्कामुक्की करने को लेकर फिर से विवाद शुरू हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि, हाथापाई तक हो गई।

भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता गुरुवार को कांग्रेस सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करके कलेक्ट्रेट का घेराव कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने पहुंचे थे। मस्तूरी विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, बेलतरा विधायक रजनीश के नेतृत्व में BJYM पदाधिकारियों ने नेहरू चौक में धरना सभा का आयोजन किया। इस दौरान कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हंगामा मचाया। BJYM पदाधिकारियों ने बेरोजगारों के साथ वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए वादा के मुताबिक बेरोजगारी भत्ता देने की मांग की है।

बेरोजगारी के मुद्दे पर BJYM ने किया प्रदर्शन।
बेरोजगारी के मुद्दे पर BJYM ने किया प्रदर्शन।

कांग्रेस नेताओं ने हाथ में गंगाजल लेकर किया था वादा
मस्तूरी विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने कहा कि 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेताओं ने हाथ में गंगाजल लेकर प्रदेश के 10 लाख युवाओं को रोजगार देने के साथ ही बेरोजगारों को भत्ता देने का वादा किया था। लेकिन, सरकार में आने के बाद कांग्रेस की सरकार अपने वादों से मुकर गई है। साढ़े तीन साल से प्रदेश के युवा बेरोजगारी भत्ता का फार्म लेकर घूम रहे हैं। लेकिन, सरकार उनकी कोई सुध नहीं ले रही है।

कलेक्ट्रेट का घेराव करने कार्यकर्ताओं को रोकने पुलिस ने की थी बैरीकेट
कलेक्ट्रेट का घेराव करने कार्यकर्ताओं को रोकने पुलिस ने की थी बैरीकेट

नाराज होकर मंच से उतर गए BJYM पदाधिकारी
दरअसल, BJYM के इस प्रदर्शन में सभी मंडल के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को युवाओं की भीड़ जुटाने कहा गया था। लेकिन, प्रदर्शन में उम्मीद से बहुत कम कार्यकर्ता पहुंचे थे। इसके चलते भाजपा नेता जल्दी-जल्दी कार्यक्रम निपटाने की फिराक में थे। लिहाजा, विधायकों के बोलने के बाद ज्ञापन देने की बात कही गई। BJYM के इस आयोजन में पदाधिकारियों को ही बोलने का मौका नहीं दिया गया। इसके चलते पदाधिकारियों और जिलाध्यक्ष निखिल केशरवानी के बीच मंच में ही बहस शुरू हो गई। जिसके बाद नाराज पदाधिकारी मंच से उतर गए।