नीचे उतरा अरपा का पानी:बिलासपुर में दोबारा पटरी पर लौटने लगी जिंदगी, दो दिन से बाढ़ में घिरे थे कई इलाके; दयालबंद पुल से शुरू हुआ आवागमन

बिलासपुर3 महीने पहले
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बुधवार की रात दयालबंद के मांडवा बस्ती के सभी घरों में पानी भरा था। लेकिन अब नदी का जलस्तर गिरने से हालात एक बार फिर सामान्य होने लगे है। - Dainik Bhaskar
बुधवार की रात दयालबंद के मांडवा बस्ती के सभी घरों में पानी भरा था। लेकिन अब नदी का जलस्तर गिरने से हालात एक बार फिर सामान्य होने लगे है।

अरपा का जलस्तर अब घटने लगा है। बुधवार की रात जिस शनिचरी रपटा के दो फीट ऊपर तक नदी का पानी बह रहा था अब वह रपटा दोबारा दिखाई देने लगा है। निगम अमला पानी नीचे उतरने के बाद पुल को दोबारा शुरू करने के लिए उसकी साफ सफाई में जुटा हुआ है। वहीं मांडवा बस्ती में भी हालात दोबारा सामान्य होने लगे है। लोगों के घरों से पानी पूरी तरह निकल चुका है।दोपहर 1 बजे तक बस्ती में निगम के 4 टैंकर्स के साथ-साथ खाने के पैकेट्स लोगों को दिए गए है।

यह मांडवा बस्ती की गुरुवार दोपहर 2 बजे की तस्वीर है। बुधवार की रात यह बस्ती पूरी तरह से जलमग्न थी।
यह मांडवा बस्ती की गुरुवार दोपहर 2 बजे की तस्वीर है। बुधवार की रात यह बस्ती पूरी तरह से जलमग्न थी।

अरपा भैंसाझार से 2392 क्यूसेक पानी छोड़ने की वजह से बुधवार को अचानक अरपा नदी के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी हो गई थी। शनिचरी रपटा भी पूरी तरह से डूब चुका था जिसकी वजह से पुलिस को पुल के दोनों तरफ बेरीकेडिंग लगा कर लोगों की आवाजाही पर रोक लगानी पड़ी थी। दयालबंद पुल भी डूबान के कगार पर पहुंच गया था। बिलासपुर के निचले इलाकों के अधिकतर घरों में शाम 4 बजे से पानी घुसना शुरू हो गया था। मांडवा बस्ती में तो लगभग 150 से ऊपर घरों में पानी घुस गया था जिसकी वजह से बस्ती के लोगों को रात पानी के बीच ही काटनी पड़ी। लेकिन राहत की बात यह है कि अब नदी का जलस्तर घटने लगा है।

निगम की तरफ से मांडवा बस्ती भेजे गए टैंकर से पानी भरते लोग।
निगम की तरफ से मांडवा बस्ती भेजे गए टैंकर से पानी भरते लोग।

शनिचरी रपटा की चल रही सफाई

बुधवार की दोपहर से ही शनिचरी रपटा पुल पूरी तरह से डूब चुका था। रात तक तो पुल से लगभग 2 फीट ऊपर से अरपा का पानी बह रहा था। लेकिन अब जलस्तर नीचे उतरने की वजह से निगम मामला एक बार फिर पुल को दोबारा शुरू करने के लिए उसकी सफाई में जुटा हुआ है। पानी के साथ आए मलबे को लगातार जेसीबी और ट्रक के जरिए हटाने के काम निगम की ओर से किया जा रहा है। हालांकि पुल को अभी भी दोबारा शुरू नही किया गया है। क्योंकि नदी का जलस्तर घट गया हो लेकिन पानी का वेग अभी भी खतरनाक स्तर पर है।

शनिचरी रपटा की सफाई करते सफाई कर्मी।
शनिचरी रपटा की सफाई करते सफाई कर्मी।

दयालबंद पुल से लगभग 20 फीट नीचे उतरा पानी
बुधवार की रात तक जिस दयालबंद पुल के पास अरपा का पानी बह रहा था वह गुरुवार की दोपहर 1 बजे तक लगभग 20 फीट नीचे आ गया है। पुल से आम दिनों की तरह ही लोग आना जाना कर रहे है।

जल स्तर घटने के बावजूद अरपा में तेज वेग के साथ बह रहा है पानी।
जल स्तर घटने के बावजूद अरपा में तेज वेग के साथ बह रहा है पानी।

घर की मरम्मत करने में जुटे परिवार

मांडवा बस्ती में दो घरों को बुधवार की दिन भारी जलभराव से नुकसान हुआ था। कच्चे मकान इस भीषण जलभराव के सामने नहीं टिक पाए। जोहन लाल ने बताया कि बीती रात 12 बजे उनके घर का पिछला हिस्सा पूरी तरह से ढह गया। उनके घर में 8 सदस्य रहते है। गनीमत रही की इस हादसे में किसी को भी चोट नहीं आई। आगे उन्होंने बताया कि क्षेत्र के पार्षद ने उनके परिवार से मुलाकात कर घर के मरम्मत करवाने की बात कही है।​​​​​​​

भारी बारिश और जलभराव से जिन घरों को नुकसान हुआ उनकी मरम्मत करता परिवार।
भारी बारिश और जलभराव से जिन घरों को नुकसान हुआ उनकी मरम्मत करता परिवार।
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