CG हाईकोर्ट के नए CJ बनाए गए अरूप गोस्वामी:प्रशांत मिश्रा बने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश; केंद्र सरकार ने जारी किया आदेश

बिलासपुर2 महीने पहले
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अरूप गोस्वामी अब तक आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। - Dainik Bhaskar
अरूप गोस्वामी अब तक आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस बनाए गए हैं। बिलासपुर हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस प्रशांत मिश्रा आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस नियुक्त किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा पर शनिवार को केंद्र सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बीते 16 सितंबर को देशभर के हाईकोर्ट के 8 न्यायाधीशों की पदोन्नित करने के साथ ही 28 जजों को ट्रांसफर करने की अनुशंसा की थी। इसके साथ ही पांच हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के स्थानांतरण करने की भी अनुशंसा की गई थी। इसमें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का नाम भी शामिल था। इसी आदेश के तहत हाईकोर्ट के जस्टिस मनींद्र मोहन का तबादला राजस्थान हाईकोर्ट किया गया है। शुक्रवार को उन्हें हाईकोर्ट में विदाई भी दे दी गई है।

इस बीच कार्यवाहक चीफ जस्टिस प्रशांत मिश्रा के प्रमोशन आदेश का इंतजार किया जा रहा था। केंद्र सरकार ने शनिवार को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के तबादला के साथ ही प्रमोशन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। इस आदेश में आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी का तबादला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद पर किया गया है।

जस्टिस प्रशांत मिश्रा अब तक बिलासपुर हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस थे।
जस्टिस प्रशांत मिश्रा अब तक बिलासपुर हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस थे।

सिक्किम हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भी रह चुके हैं

61 साल के अरूप अब तक आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में काम कर रहे थे। इसके पहले अरूप सिक्किम हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भी रह चुके हैं। अरूप का जन्म 11 मार्च 2021 को असम के जोरहट में हुआ था।

प्रशांत को 2009 में जज बनाया गया था

जस्टिस प्रशांत मिश्रा का जन्म छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हुआ है। उन्होंने बीएससी करने के बाद गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री ली है। रायगढ़ जिला अदालत में प्रैक्टिस करने के साथ ही उन्होंने जबलपुर और बिलासपुर हाईकोर्ट में लंबे समय तक वकालत की है। 2005 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सीनियर वकील के तौर पर उनके नाम पर मुहर लगाई थी। वह 2 साल के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन भी रह चुके हैं। 2007 में महाधिवक्ता नियुक्त होने के बाद 10 दिसंबर 2009 में उन्हें हाईकोर्ट का जज बना दिया गया।

जस्टिस पी. सेम. कोशी के साथ जस्टिस मिश्रा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सबसे सीनियर जज में से एक हैं। यही वजह है कि पूर्व सीजे राम चन्द्र मेनन के रिटायर होने पर उन्हें कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। वह अपने तेज तर्रार स्वभाव और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं।

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