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कार्रवाई:आयुर्वेदिक चिकित्सक कर रहे थे एलोपैथिक पद्धति से इलाज, तखतपुर का गंगा अस्पताल सील

बिलासपुर8 महीने पहले
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तखतपुर के गंगा हॉस्पिटल में दो आयुर्वेदिक चिकित्सक ऐलोपैथिक पद्धति से इलाज करते हुए पकड़े गए। जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में छापा मारा तो वहां पर चार मरीज भर्ती भी मिले। तत्काल नर्सिंग होम एक्ट के तहत अस्पताल को सील कर कार्रवाई की गई। सीएमएचओ डॉ. प्रमोद महाजन को लगातार शिकायत मिल रही थी कि तखतपुर में गंगा अस्पताल संचालित हो रहा है। जिसका संचालन डॉ. अभिषेक जायसवाल और डॉ. योगेंद्र खरे कर रहे हंै। ये दोनों डॉक्टर आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं। लेकिन ये दोनों अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का एलोपैथिक पद्वति से उपचार कर रहे है। न ही इनके पास कोई एमबीबीएस डॉक्टर है और न ही नर्सिंग होम एक्ट के तहत लाइसेंस है। शिकायत के आधार पर सीएमएचओ ने डॉ. अनिल श्रीवास्तव, डॉ. मनीष श्रीवास्तव, डॉ. प्रभाकर नायडू और प्रवीण शर्मा की टीम बुधवार को हॉस्पिटल का निरीक्षण के लिए पहुंची। टीम ने देखा कि अस्पताल में चार मरीज भर्ती है। जिनका एलोपैथिक पद्वति से उपचार किया जा रहा है। इसके बाद जब दोनों चिकित्सक के डिग्री की जांच की गई तो दोनों ही आयुर्वेदिक चिकित्सक निकले।

चारों भर्ती मरीज को भेजा गया सिम्स
अस्पताल के निरीक्षण के दौरान चार मरीज भर्ती थे, उनकी तबीयत को देखते हुए टीम ने तत्काल एंबुलेंस मंगवाकर चारों को उपचार के लिए सिम्स भेजा। साथ ही इन चारों से उपचार संबंधित जानकारी जुटाई गई है। जिसे सीएमएचओ डॉ. प्रमोद महाजन को सौंपा जाएगा।

एमडीसी पैथोलैब भी सील
जब टीम तखतपुर से वापसी कर रही थी तो उस समय सकरी मुख्य मार्ग पर एमडीसी पैथोलैब सर्विस लैब दिखा। तत्काल अधिकारियों ने वहा पूछताछ किया तो पता चला कि इस लैब का संचालन राजा राम कौशिक नाम का व्यक्ति करता है। लैब से संबंधित कागजात की छानबीन करने पर सभी कागजात फर्जी पाए गए।

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