दिवाली से पहले वकीलों को राहत:जमानत मामलों की अब चार बेंच में होगी सुनवाई; लंबित प्रकरण पहुंच गए थे 1200

बिलासपुर3 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट - Dainik Bhaskar
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वकीलों के साथ ही पक्षकारों को चीफ जस्टिस ने दिवाली त्योहार के पहले बड़ी राहत दी है। दरअसल, पिछले एक पखवाड़े से यहां जमानत प्रकरणों की सुनवाई एक ही बेंच में हो रही थी। इसके चलते लंबित वकीलों व पक्षकारों को राहत नहीं मिल पा रही थी। उनकी समस्या को देखते हुए चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी ने चार बेंच में जमानत मामलों की सुनवाई करने की व्यवस्था की है। हाईकोर्ट में प्रशांत मिश्रा जब कार्यकारी चीफ जस्टिस थे। तब जमानत याचिकाओं की संख्या काफी बढ़ गई थी।

पेंडेंसी कम करने के लिए उन्होंने खुद के साथ ही तीन अन्य जजों को भी जमानत प्रकरणों की सुनवाई करने के निर्देश दिए। लिहाजा, वकीलों व पक्षकारों को राहत मिलने लगी थी। इस बीच नए चीफ जस्टिस ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद नया रोस्टर लागू किया। इसमें फिर से वही पुरानी व्यवस्था शुरू कर दी। इसके चलते जस्टिस एनके चंद्रवंशी की बेंच में ही जमानत मामालों की सुनवाई चल रही थी। इसका नतीजा यह हुआ कि महज 15 दिन में ही जमानत प्रकरणों की संख्या एक हजार से पार हो गई। इस अव्यवस्था को देखते हुए वकीलों ने जमानत याचिकाओं की सुनवाई पुरानी व्यवस्था के अनुसार करने की मांग की। उनकी मांग को देखते हुए चीफ जस्टिस ने सोमवार से चार बेंच में जमानत प्रकरण सुनवाई करने की व्यवस्था की है।

इन जजों को दी गई जिम्मेदारी, पहले ही दिन निपटे सौ प्रकरण
चीफ जस्टिस गोस्वामी ने रोस्टर में आंशिक बदलाव करते हुए जमानत मामलों की सुनवाई करने के लिए जस्टिस एनके चंद्रवंशी के साथ ही जस्टिस रजनी दुबे, जस्टिस गौतम चौरड़िया, जस्टिस दीपक तिवारी व जस्टिस एनके व्यास की बेंच का गठन किया है। नई व्यवस्था के तहत पहले ही दिन जमानत के सौ प्रकरणों की सुनवाई हुई। जबकि, इससे पहले एक दिन में सिर्फ 20 प्रकरणों की सुनवाई हो रही थी।

फाइल होने के 15 दिन में होनी चाहिए सुनवाई
आमतौर पर हाईकोर्ट में जमानत आवेदन प्रस्तुत होने के 15 दिन के पहले सुनवाई हो जानी चाहिए। लेकिन, लंबित मामलों में बढ़ोतरी होने के कारण वकील व पक्षकारों को राहत नहीं मिल पा रही थी। चीफ जस्टिस गोस्वामी ने इसी तरह सर्विस मेटर की सुनवाई के लिए भी नई व्यवस्था बनाई है। इसके मुताबिक अब सर्विस मेटर की सुनवाई जस्टिस पीसेम कोशी के साथ ही जस्टिस संजय एस अग्रवाल की बेंच में भी होगी।

हाईकोर्ट में पांच दिन बाद शुरू होगी छुट्‌टी
हाईकोर्ट में पांच दिन बाद दिवाली अवकाश शुरू हो जाएगा। यहां दो नवंबर से 7 नवंबर तक छुट्‌टी रहेगी। ऐसे में वकील के साथ ही पक्षकार चाह रहे हैं कि दिवाली से पहले उनके जमानत प्रकरणों की सुनवाई हो जाए। ताकि, जमानत होने पर दिवाली पर्व घर में मनाने का मौका मिल सके। नई व्यवस्था लागू होने के बाद वकीलों को उनके पक्षकारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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