बिलासपुर में कोविड-19 पर बदला नियम:एग्जाम फार्म भरने के लिए खुलेंगे कॉलेज; प्रेग्नेंट और 3-6 साल तक के बच्चों के लिए घर-घर पहुंचाएंगे टिफिन

बिलासपुर4 महीने पहले
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CMD कॉलेज में परीक्षा फार्म जमा करने पहुंचे छात्र-छात्राएं। - Dainik Bhaskar
CMD कॉलेज में परीक्षा फार्म जमा करने पहुंचे छात्र-छात्राएं।

बिलासपुर में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कलेक्टर ने स्कूल-कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया है। इसमें संशोधन करते हुए उन्होंने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कॉलेज खोलने का आदेश दिया है। दरअसल, कॉलेज बंद होने के कारण विद्यार्थी एग्जाम फार्म जमा नहीं कर पा रहे थे।

जिले में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। लिहाजा, कलेक्टर ने नाइट कर्फ्यू लगाने का आदेश जारी किया है। इसके मुताबिक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। इसके साथ ही स्कूल-कॉलेज व आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद करने का आदेश दिया गया है। कॉलेजों में परीक्षा फार्म जमा करने के कारण कलेक्टर के आदेश पर अमल नहीं हो रहा था।

इधर, कुछ कॉलेजों ने कलेक्टर के आदेशों का हवाला देकर फार्म जमा करने की भी व्यवस्था नहीं की थी। इससे विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ गई थी और कॉलेज परिसर में छात्र-छात्राएं भटक रहे थे। उनकी दिक्कतों को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने संशोधित आदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कॉलेज खोलने की अनुमति दी है।

घर-घर जाकर टिफिन सुविधा मुहैया कराने के आदेश
राज्य शासन के आदेश पर कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए आंगनबाड़ी तथा मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों को बंद किया गया है। इसमें भी अब संशोधित आदेश जारी किया गया है। केंद्रों में सभी हितग्राहियों को रेडी-टू-ईट वितरण जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही गर्भवती माताओं एवं 3 से 6 वर्ष के बच्चों को घर-घर जाकर टिफिन व्यवस्था के माध्यम से गरम भोजन प्रदान करने कहा है।

इस संबंध में मंत्रालय से महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी कलेक्टर व संभागायुक्तों, जिला कार्यक्रम अधिकारियों, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारियों और बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है।

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