पैसों का विवाद:टीकाकरण में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के भोजन की राशि मांगी तो बीएमओ ने आरएचओ को धमकाया

बिलासपुर2 महीने पहले
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  • आरएचओ ने बीएमओ के व्हाट्एप पर भेजा पत्र, इसको लेकर बीएमओ ने फोन लगाया और दुर्व्यवहार किया, ऑडियाे रिकार्डिंग वायरल

कोविड-19 टीकाकरण में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के भोजन व्यवस्था के लिए प्रतिदिन 100 रुपए देने की स्वीकृति शासन ने दी थी। पिछले सात माह से तखतपुर ब्लॉक में कार्यरत कर्मचारियों को राशि का भुगतान नहीं हुआ तो लमेर के आरएचओ ने बीएमओ को पत्र लिखकर कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए शासन से स्वीकृत राशि का आवंटन करने कहा। जिसके बाद बीएमओ ने आर-एचओ के साथ फोन पर अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया।

आर-एचओ के साथ किए गए अभद्र व्यवहार का ऑडियो वायरल हो गया है। ऑडियो रिकॉर्डिंग में बीएमओ आर-एचओ के साथ अभद्र व्यवहार कर उन्हें धमका रहे हैं। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर लमेर के आर-एचओ विनायक शरण चंद्रवंशी ने तखतपुर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. निखिल कुमार गुप्ता को पत्र लिखकर कहा था कि शासन से प्रदाय कोविड वैक्सीनेशन में कार्यरत कर्मचारियों को भोजन के लिए जो पैसा दिए जाते हैं उसमें भेदभाव किया जा रहा है। लमेर के स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत कर्मचारियों को शासन के नियमानुसार प्रतिदिन 100 रुपए देना है, जो अप्रैल माह से नहीं दिया जा रहा है। जबकि दूसरी जगह जो अभी रिकॉर्ड जमा कर रहे उन्हें भुगतान दे दिया जा रहा है। ऐसे में कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा जो सही नहीं है। आर-एचओ का पत्र मिलने के बाद बीएमओ डॉ. निखिल कुमार गुप्ता ने आर-एचओ विनायक शरण चंद्रवंशी को फोन कर अभद्रता पूर्वक धमकाते हुए दुर्व्यवहार किया।

छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने इस तरह किए गए दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए विरोध प्रकट किया और उच्च अधिकारियों को उनके खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई है। इस मामले में तखतपुर बीएमओ डॉ. निखिल कुमार गुप्ता का कहना है कि उन्होंने गाली-गलौज नहीं की है। मैंने आर-एचओ से कहा है कि जो भी समस्या है नियम पूर्वक ऑफिस आकर उसे लिखित में जमा कर दें। मुझे पर्सनल व्हाट्सएप पर न भेजें। पर्सनल व्हाट्सएप पर मैं किस-किस की समस्या सुनता रहूंगा। सिर्फ इतना कहा है। वहीं आरएचओ विनायक शरण चंद्रवंशी का कहना है कि मुझे व्हाट्सएप पर ही आदेश-निर्देश मिलते हैं, मैंने भी उसी पर भेज दिया। चूंकि उनकी ड्यूटी लमेर में रहती है। बीएमओ ऑफिस वहां से काफी दूर है।

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