3 साल के बच्चे ने खा ली चूहामार दवा:बिलासपुर में लापरवाही ने ली मासूम की जान, इलाज के दौरान मौत; धान बचाने के लिए घर में रखी थी

बिलासपुर3 महीने पहले
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परिवार के सदस्यों ने घर में चूहा मारने के लिए दवा रखी थी जिसे 3 साल के लक्ष ने खेल खेल में खा लिया और उसकी मौत हो गई। - Dainik Bhaskar
परिवार के सदस्यों ने घर में चूहा मारने के लिए दवा रखी थी जिसे 3 साल के लक्ष ने खेल खेल में खा लिया और उसकी मौत हो गई।

बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में 3 साल के बच्चे ने शनिवार को खेल-खेल में चूहा मारने की दवाई खा ली। इसके बाद जिसके बाद उसे गंभीर हालत में सिम्स भर्ती करवाया गया। जहां इलाज के दौरान उसने अगले दिन दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।

जानकारी के अनुसार, डबरी पारा निवासी भूपेंद्र सिंह (31) रोज की तरह अपने खेत में शनिवार को काम कार रहे थे। उनकी तरह घर के दूसरे सदस्य भी अपने अपने काम में व्यस्त थे। भूपेंद्र का बेटा लक्ष्य सिंह (3) भी घर में ही खेल रहा था। परिवार के किसी भी सदस्य का ध्यान उसकी तरफ नहीं था। इसी बीच घर में रखी चूहा मारने की दवाई उसने खा ली।

परिजनों को पहले कुछ नहीं आया समझ

मासूम की हालत खराब होने पर पहले तो परिजनों को कुछ समझ नहीं आया। लेकिन जब उन्होंने कमरे में देखा तो पास ही चूहा मारने की दवा पड़ी थी। परिजनों ने तुरंत बच्चे को सिम्स में भर्ती करवाया जहां इलाज के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई। पुलिस अब मामला दर्ज कर जांच में जुटी है।

परिवार का रो रो कर हुआ बुरा हाल

बच्चे की मौत के बाद अब इसके परिजनों के आंसू थम नहीं रहे हैं। पिता का कहना है कि घर में रखे धान को चूहे नुकसान पहुंचा रहे थे इसलिए उन्होंने दावा कमरे में रखी थी। उनकी और अन्य सदस्यों की लापरवाही का ही नतीजा है कि आज उन्होंने अपना बेटा खो दिया। वह कहते है कि चूहा मार दवा को बालक की पहुंच से दूर अगर रखते तो यह हादसा नहीं होता।

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