भाजपा के दिग्गज भी नहीं रोक सके कांग्रेस की जीत:स्व. शेख गफ्फार की सहानुभूति ने दिलाई असलम को रिकार्ड बढ़त, सिर्फ एक बूथ में हारी कांग्रेस

बिलासपुर5 महीने पहले
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शेख असलम की जीत के बाद फूल मालाओं से किया गया स्वागत, नेताओं ने दी बधाई। - Dainik Bhaskar
शेख असलम की जीत के बाद फूल मालाओं से किया गया स्वागत, नेताओं ने दी बधाई।

बिलासपुर में वार्ड क्रमांक 29 के उपचुनाव में भाजपा के सांसद, चार बार विधायक रहे पूर्व मंत्री के साथ ही शहर के भाजपाई चुनावी रणनीति बनाने जुटे रहे। बावजूद इसके कांग्रेस की परंपरागत सीट में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए। हालांकि, भाजपा पार्षद ने भी इस नतीजे को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्व.शेख गफ्फार की श्रद्धांजली की जीत बताई। जाहिर है कि इस वार्ड में स्व.शेख गफ्फार की सहानुभूति लहर में भाजपा के सारी रणनीति फेल हो गई और कांग्रेस के असलम ने 2085 वोट से रिकार्ड जीत हासिल कर ली। बिलासपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 29 संजय गांधी नगर में पार्षद उपचुनाव में इस बार शहर के दिग्गज भाजपा नेता के साथ ही सांसद अरूण साव, चार बार के विधायक रहे पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, संगठन पदाधिकारी के साथ ही पूर्व महापौर किशोर राय ने अपने प्रत्याशी राजेश रजक को जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। खुद अमर अग्रवाल लगातार वार्ड में सक्रिय रहे और राज्य सरकार की नाकामी के साथ ही वार्ड में फैले डायरिया को चुनावी मुद्दा बनाकर कांग्रेस को घेरने की कोशिश करते रहे। तमाम कोशिशों के बाद भी इस वार्ड से राजेश रजक को महज 92 वोट से बढ़त दिला सके। पिछले चुनाव में वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्व. शेख गफ्फार ने 3835 मतों में से 2976 वोट हासिल कर भाजपा के राजेश रजक को 2404 वोट से हराया था। उनके निधन के बाद भाजपा को उम्मीद थी कि आजादी के बाद से कांग्रेस के परंपरा सीट को हथियाने की कोशिश इस बार भी नाकाम हो गई। इधर, कांग्रेस ने इस वार्ड से जीत हासिल करने के लिए शुरूआत से ही रणनीति बनाई थी। स्व. गफ्फार के भाई शेख असलम को टिकट देकर कांग्रेस ने अपनी जीत पक्की कर ली थी। स्व. गफ्फार इस वार्ड के ही नहीं बल्कि शहर के जमीनी नेता रहे हैं। लिहाजा, कांग्रेस संगठन को पहले से भरोसा हो गया था कि इस चुनाव में सहानुभूति वोट से कांग्रेस आसानी से जीत हासिल कर सकती है। इसके साथ ही कांग्रेस संगठन, महापौर रामशरण यादव व शहर विधायक शैलेष पांडेय वार्ड में चुनाव के दौरान सक्रिय रहे और स्व. शेख गफ्फार के कार्यों को वार्ड की जनता को याद दिलाने की कोशिश करते रहे।

मतगणना स्थल में कांग्रेस प्रत्याशी शेख असलम ने अपने बड़े भाई स्व. शेख गफ्फार को माला पहना कर दी श्रद्धांजली।
मतगणना स्थल में कांग्रेस प्रत्याशी शेख असलम ने अपने बड़े भाई स्व. शेख गफ्फार को माला पहना कर दी श्रद्धांजली।

जीत की दी श्रद्धांजली, कट आउट लेकर कांग्रेसी करते रहे नारेबाजी
गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्व. शेख गफ्फार की पुण्य तिथि है। 2019 में आज ही के दिन उनका निधन हुआ था। इसके चलते रिकार्ड जीत दर्ज करने के बाद भी कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न नहीं मनाया। मतगणना स्थल पर न तो ढोल ताशों की आवाज सुनाई दी और न ही रैली का आयोजन किया गया। शहर विधायक शैलेष पांडेय से लेकर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी से लेकर नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने शेख असलम की जीत को स्व. शेख गफ्फार की श्रद्धांजली बताते रहे।
शुरूआती बढ़त के बाद से ही नदारद रहे भाजपाई
मतगणना के दौरान पहले चरण से ही कांग्रेस उम्मीद्वार शेख असलम बढ़त बनाए हुए थे। पहले राउंड की गणना में कांग्रेस उम्मीद्वार शेख असलम 748 वोट से बढ़त में चल रहे थे। उस समय भाजपा प्रत्याशी राजेश रजक के साथ ही अन्य भाजपा नेता व कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। लेकिन, दूसरे चरण की काउंटिंग में कांग्रेस की बढ़त और बढ़ गई। फिर आखिरी राउंड तक कांग्रेस आगे चलती रही। कांग्रेस की एकतरफा जीत को देखते हुए भाजपा प्रत्याशी राजेश रजक को छोड़कर भाजपा नेता व कार्यकर्ता मतगणना स्थल से नदारद हो गए।

मतगणना के दाैरान कांग्रेस नेताओं के साथ ही कार्यकर्ताओं का लगा रहा जमावड़ा।
मतगणना के दाैरान कांग्रेस नेताओं के साथ ही कार्यकर्ताओं का लगा रहा जमावड़ा।

शेख असलम बोले- भैया के बताए मार्गों पर चलूंगा
दो साल बाद उपचुनाव हुआ है। बड़े भैया शेख गफ्फार समाज सेवक थे और लोगों की भावनाओं को समझते थे। उनके निधन के बाद मैं वार्ड में लगातार सक्रिय रहा। कोशिश होगी कि उनके बताए मार्ग पर चलूं और उनके आदर्शों को आत्मसात करूं। मेरी यह जीत उनको सच्ची श्रद्धांजली है। वार्ड की जनता और शहर कांग्रेस कमेटी ने जीत दिलाकर उनको श्रद्धांजली अर्पित की है।
शहर विधायक पांडेय ने कहा- मुख्यमंत्री पर भरोसे की जीत
पिछली बार दो साल पहले नगरीय निकाय चुनाव हुए थे। तब सभी 10 नगर निगम में कांग्रेस को बहुमत मिला था। वही विश्वास प्रदेश की जनता ने उपचुनाव में भरोसा जताया है। । यह प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यों की जीत है। भाजपा ने जितने भी दावे किए थे और बयानबाजी की उसमें विफल साबित हुए। आजादी के बाद कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है। यह जीत वार्ड की जनता की जीत है।

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