ट्रांसपोर्ट के नाम पर ठगी:स्टेशनरी व्यवसायी ने 30 हजार में बुक कराया ट्रक, वह तो आया नहीं, डीजल और एडवांस के नाम पर ठग लिए 38 हजार रुपए

बिलासपुर9 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में व्यवसायी का माल भेजने के नाम पर ट्रांसपोर्टर और ट्रक चालक ने ठग लिए 38 हजार रुपए। - Dainik Bhaskar
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में व्यवसायी का माल भेजने के नाम पर ट्रांसपोर्टर और ट्रक चालक ने ठग लिए 38 हजार रुपए।
  • सिविल लाइंस क्षेत्र का मामला, गजियाबाद माल भिजवाने के लिए कराई थी ट्रक की बुकिंग
  • ऑनलाइन पेमेंट के बाद भी ट्रक नहीं पहुंचा, ट्रांसपोर्टर और ड्राइवर के मोबाइल हुए बंद

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ट्रांसपोर्ट के लिए ट्रक भेजने के नाम पर एक स्टेशनरी व्यवसायी से 38 हजार रुपए की ठगी हो गई। जबकि माल भेजने का सौदा 30 हजार रुपए में तय हुआ था। आरोपियों ने ट्रक तो भेजा नहीं, बल्कि डीजल और एडवांस के नाम पर रुपए ले लिए। इसके बाद अपना नंबर भी बंद कर लिया। ठगी का अहसास होने पर व्यवसायी ने FIR दर्ज कराई है। मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, नंद विहार निवासी रवि मेहता स्टेशनरी का व्यवसाय करते हैं। उन्होंने 20 फरवरी को UP के गाजियाबाद माल भेजने के लिए 15 फरवरी को रायपुर के सिंह ट्रांसपोर्ट से एक ट्रक बुक कराया था। इसके लिए 30 हजार रुपए में डील हुई, लेकिन तय दिन पर ट्रक नहीं आया। इस पर उन्होंने कॉल किया तो कहा गया कि आप नुकसान काटकर 29 हजार रुपए दे देना। फिर 5 मार्च को माल भेजना तय हो गया।

ड्राइवर ने डीजल के नाम पर रुपए मांगे, फिर ट्रक खराब होने की बात कही
आरोप है कि 5 मार्च को सुबह 7 बजे कॉल आई कि डीजल के लिए 50% पेमेंट कर दें। इस पर उन्होंने 15 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। थोड़ी देर बाद ड्राइवर की कॉल आई और उसने 80% पेमेंट की बात कही, तो उन्होंने 8 हजार रुपए और जमा कर दिए। एक घंटे बाद कॉल आया कि गाड़ी खराब हो गई है। दूसरी गाड़ी रतनपुर में खड़ी है, उसे भिजवा देते हैं। उसके डीजल के लिए भी 10 हजार मांगे तो व्यवसायी ने फोन पे के जरिए ट्रांसफर करा दिए।

दूसरा ट्रक भेजने के नाम पर फिर रुपए कराए गए ट्रांसफर
कुछ समय बाद दूसरे ट्रक के ड्राइवर ने कॉल किया और 5 हजार रुपए और मांगे। इस पर भी रवि मेहता ने रुपए ट्रांसफर करा दिए। फिर भी ट्रक नहीं पहुंचने पर जब उन्होंने ड्राइवर को कॉल किया तो उसका नंबर स्विच ऑफ था। इसके बाद पहले ड्राइवर और ट्रांसपोर्टर के नंबर पर कॉल किया, लेकिन वह भी बंद मिला। फिर से संपर्क किया तो ट्रांसपोर्टर की ओर से उचित जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने FIR दर्ज करा दी

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