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अपने साथ, अपनों का ख्याल रखिए:अप्रैल के 21 दिनों में 93764 मरीज मिले, इनमें से 1948 की मौत; डर ज्यादा, क्योंकि पिछली बार बीमारी से, अब संक्रमण से ज्यादा मौतें

बिलासपुर7 महीने पहले
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यह तस्वीर रायपुर के अंबेडकर अस्पताल की है। यहां पर रेमडेसिवीर इंजेक्शन लेने के लिए लोगों की लाइन लगी है। - Dainik Bhaskar
यह तस्वीर रायपुर के अंबेडकर अस्पताल की है। यहां पर रेमडेसिवीर इंजेक्शन लेने के लिए लोगों की लाइन लगी है।

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अप्रैल के 21 दिनों में ही 93764 मरीज मिले हैं। जबकि, 1948 मरीजों की मौत हुई है। यह आंकड़े इसलिए भी डराते हैं कि पहली कोरोना लहर में लोग दूसरी बीमारियों से ज्यादा मरे, लेकिन इस बार संक्रमण के चलते मौत का आंकड़ा बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 1127 मरीजों की मौत कोरोना संक्रमण के कारण हुई है।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में कोरोना संक्रमण को देखते हुए छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश की सीमा से लगे बॉर्डर पर चौकसी बढ़ा दी गई है। हर आने-जाने वाले यात्रियों से पूछताछ और आवश्यक दस्तावेज चेक करने के बाद ही जाने दिया जा रहा है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में कोरोना संक्रमण को देखते हुए छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश की सीमा से लगे बॉर्डर पर चौकसी बढ़ा दी गई है। हर आने-जाने वाले यात्रियों से पूछताछ और आवश्यक दस्तावेज चेक करने के बाद ही जाने दिया जा रहा है।

लोग इलाज के लिए सावधान हुए, ब्रॉड डेड मरीजों की संख्या नगण्य हुई
यह आंकड़े इस बार कोरोना की गंभीरता को बता रहे हैं। पॉजिटिव मरीजों में मौत का एक बड़ा आंकड़ा (821) उनकी दूसरी बीमारियों का भी होना है। इनमें हाइपरटेंशन, कोरेनरी डिजीज (हार्ट पेशेंट) और डायबिटीज के मरीज ज्यादा हैं। हालांकि लोग इलाज और टेस्ट को लेकर पहले से ज्यादा सावधान हुए हैं। इसके चलते 138987 मरीज ठीक हुए हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या होम आइसोलेशन वालों की है। वहीं ब्रॉड डेड मरीजों की संख्या न के बराबर पहुंच गई है।

बुजुर्गों पर भारी पड़ रही कोरोना की दूसरी लहर
पिछले साल 29 मई से अब तक कोरोना से मरने वालों में बुजुर्गों की संख्या 50 फीसदी से ऊपर है। इसके बाद 45 से 59 वर्ष वालों की दूसरी सबसे ज्यादा मौत हो रही है। उनकी संख्या 40 फीसदी है। बाकी उम्र वाले 10 फीसदी हैं। जिन बुजुर्गों की मौत हो रही है, वे अस्पताल पहुंचने के दौरान या अस्पताल में इलाज के 12 से 24 घंटे के बीच दम तोड़ रहे हैं। इसके पीछे भी डॉक्टर उनकी बीमारियों और कम होती रोग प्रतिरोधक क्षमता को मानते हैं।

GPM में बढ़ी सख्ती, बिना दस्तावेज एंट्री पर लगाई गई रोक
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में कोरोना संक्रमण को देखते हुए छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश की सीमा से लगे बॉर्डर पर चौकसी बढ़ा दी गई है। हर आने-जाने वाले यात्रियों से पूछताछ और आवश्यक दस्तावेज चेक करने के बाद ही जाने दिया जा रहा है। इस दौरान रिपोर्ट नहीं होने पर कई लोगों को लौटा भी दिया गया। सिर्फ अति आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन, एंबुलेंस या खाद्य सामग्रियों के वाहनों को एंट्री दी जा रही है।

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