बिलासपुर में कोरोना से फिर हुई मौत:7 दिन के अंदर चार मरीजों की जान गई, नहीं लगी थी वैक्सीन; कम्युनिटी स्प्रेड का खतरा बढ़ा

बिलासपुर5 महीने पहले
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कोरोना से मौत होने पर PPE कीट पहनकर अंत्येष्टि करने का है प्रावधान है (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
कोरोना से मौत होने पर PPE कीट पहनकर अंत्येष्टि करने का है प्रावधान है (फाइल फोटो)

बिलासपुर में कोरोना से हालात बिगड़ने शुरू हो गए हैं। शुक्रवार को फिर कोरोना संक्रमित अधेड़ की मौत हो गई। यहां जनवरी के सात दिनों में कोरोना से चौथी मौत हुई है। ऐसे में तेजी से फैल रहे कोरोना से कम्युनिटी स्प्रेड का खतरा बढ़ भी गया है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि वैक्सीन लगाने वालों को संक्रमण का खतरा कम है। यही वजह है कि वैक्सीन लगाने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।

जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जनवरी के पहले ही सप्ताह में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 58 से बढ़कर 310 तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने आने वाले समय में संक्रमितों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होने की चेतावनी दी है। संक्रमण से बचने के लिए जरूरी एहतियात बरतने कहा गया है।

इधर, शुक्रवार को अपोलो अस्पताल में चकरभाठा के परसदा निवासी 50 वर्षीय नीलकमल कौशिक की इलाज के दौरान कोरोना से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उन्हें 10 दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब उनके फेफड़े में इन्फेक्शन बताया गया था। उन्होंने कोरोना का टीका नहीं लगवाया था। उनके संपर्क में आने पर उनकी पत्नी भी पॉजिटिव थी और अपोलो अस्पताल में उपचार चल रहा था। अब उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है।

इससे पहले चार जनवरी को टीकरापरा निवासी 78 वर्षीय मुकुंद शेवलकर और तोरवा निवासी 67 वर्षीय प्रेम नारायण सिंह की अपोलो अस्पताल में मौत हुई थी। गुरुवार को भी अपोलो अस्पताल में देवरीखुर्द निवासी रेलवे के रिटायर्ड कर्मी की कोरोना से उपचार के दौरान मौत हो गई।

संक्रमण से बचने सावधानी जरूरी
CMHO प्रमोद महाजन का कहना है कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सावधानी जरूरी है। कोरोना के गाइडलाइन का पालन करें और टीका जरूर लगवाएं। वर्तमान समय में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसलिए घर में रहें और सुरक्षित रहें। जरूरी होने पर ही बाहर निकले और कोरोना के नियमों पर अमल करें।

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