हाईकोर्ट पहुंचा डायरिया से 7 मौतों का मामला:न्यायमित्रों ने ड्रैनेज खराब होने दी थी रिपोर्ट, फिर भी निगम ने नहीं सुधारी पाइप लाइन, कोर्ट ने मांगा जवाब

बिलासपुर5 महीने पहले
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डायरिया से मौत के मामले को न्यायमित्रों ने हाईकोर्ट के संज्ञान में लाया। - Dainik Bhaskar
डायरिया से मौत के मामले को न्यायमित्रों ने हाईकोर्ट के संज्ञान में लाया।

बिलासपुर में नगर निगम की बदहाल सड़कों को लेकर दायर जनहित याचिका की मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान न्यायमित्रों ने शहर में खराब ड्रैनेज सिस्टम के चलते फैले डायरिया व इससे हुई मौतों की जानकारी कोर्ट को दी। न्यायमित्रों ने बताया कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट में पहले ही इसका उल्लेख कर दिया था। फिर भी नगर निगम का अमला उदासीन बना रहा। कोर्ट ने इस मामले में नगर निगम व जिला प्रशासन से जवाब मांगा है। प्रकरण की अगली सुनवाई शीतकालीन अवकाश के बाद 24 जनवरी को होगी। अधिवक्ता हिमांक सलूजा की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट राजीव श्रीवास्तव, प्रतीक शर्मा व राघवेंद्र प्रधान को न्यायमित्र नियुक्त किया है। साथ ही उन्हें नगर निगम की खराब सड़कों का जायजा लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा था। कोर्ट के निर्देश पर इन्होंने सड़कों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इस पर नगर निगम व PWD ने अपने जवाब में सड़कों की मरम्मत करने की बात कही थी।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। साथ ही निगम का जवाब आने के बाद किए गए कार्यों का जायजा लेने के लिए 12 नवंबर को दोबारा निरीक्षण करने कहा गया था। इस दौरान तालापारा, जरहाभाठा व कुम्हारपारा में स्थानीय लोगों ने शिकायत की और ड्रैनेज खराब होने के कारण घरों में गंदा पानी आने की बात कही। न्यायमित्रों ने उन्हें नगर निगम में शिकायत करने के लिए कहा था। निरीक्षण के बाद वकीलों ने अपने प्रतिवेदन में ड्रैनेज सिस्टम खराब होने का उल्लेख किया था। साथ ही यह भी आगाह किया कि इस तरह के हालात में डायरिया, डेंगू या फिर मलेरिया होने का खतरा है।

मंगलवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान भी न्यायमित्रों ने कोर्ट के संज्ञान में लाया कि उन्होंने अपने प्रतिवेदन में पहले ही शहर में बीमारी फैलने का आगाह कर दिया था। इसके एक सप्ताह बाद ही डायरिया का संक्रमण फैल गया और 7 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 279 मरीजों के पीड़ित होने की जानकारी दी।

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एके गोस्वामी की डिवीजन बेंच में हुई। इस दौरान नगर निगम व शासन के वकील ने प्रतिवेदन का परीक्षण करने की बात कही। हाईकोर्ट ने नगर निगम प्रशासन को इस मामले में की जा रही कार्रवाई को लेकर स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
20 फरवरी तक पूरा हो जाएगा तिफरा फ्लाई ओवर ब्रिज का काम
इस मामले की सुनवाई के दौरान शासन की तरफ से महाधिवक्ता सतीशचंद वर्मा उपस्थित हुए। इस दौरान उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्होंने तिफरा में बन रहे फ्लाई ओवर ब्रिज का निरीक्षण किया था। इस दौरान अफसरों के साथ बातचीत कर निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी भी ली थी। उन्होंने कोर्ट को बताया कि फ्लाईओवर ब्रिज में तेजी से काम चल रहा है और अफसरों ने 20 फरवरी तक कार्य पूर्ण होने की जानकारी दी।

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