झीरम हत्याकांड मामले में NIA की बहस पूरी:NIA ने कहा- केवल हमें है जांच का अधिकार; कल जितेंद्र मुदलियार और राज्य सरकार के वकील रखेंगे अपना पक्ष

बिलासपुर10 महीने पहले
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कल जितेंद्र मुदलियार की तरफ से संदीप दुबे और सुदीप श्रीवास्तव करेंगे बहस। - Dainik Bhaskar
कल जितेंद्र मुदलियार की तरफ से संदीप दुबे और सुदीप श्रीवास्तव करेंगे बहस।

हाईकोर्ट में झीरम हत्याकांड मामले में बुधवार को NIA की तरफ से बहस पूरी हो गई है। बहस के दौरान NIA के वकील विक्रमजीत बैनर्जी ने हाईकोर्ट के सामने कहा कि NIA एक्ट के प्रभावशाली होने की वजह से झीरम घटना से संबंधित किसी भी तरह की जांच केवल NIA ही कर सकता है। चाहे घटना के बाद कितना भी समय बीत चुका हो। अब गुरुवार को इस मामले में राज्य सरकार और जितेंद्र मुदलियार के वकील अपना पक्ष अदालत के सामने रखेंगे।

दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े विक्रमजीत बैनर्जी ने जितेंद्र मुदलियार की मांग पर कहा कि कौन सी जांच एजेंसी अपराध की जांच करेगी, यह अपराधी या शिकायतकर्ता तय नहीं कर सकता है। झीरम घाटी मामले में पूर्व विधायक के बेटे जितेंद्र मुदलियार ने इस पूरे मामले की जांच राज्य सरकार की एजेंसी से कराने की मांग की है।

जितेंद्र ने दरभा थाना में दर्ज कराया था केस

दरअसल, झीरम कांड में दिवंगत कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक उदय मुदलियार के बेटे जितेंद्र मुदलियार ने जून 2020 में दरभा थाने में FIR दर्ज कराई थी। उनकी रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 302 और 120 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया था। जितेंद्र ने FIR में कहा था कि NIA ने इस घटना में राजनीतिक षड्यंत्र की जांच ही नहीं की है। जितेंद्र ने एफआईआर के माध्यम से झीरम मामले की जांच राज्य सरकार के अधीन जांच एजेंसी को सौंपने की मांग उठाई थी। दरभा थाने में दर्ज इस रिपोर्ट को चुनौती देते हुए NIA ने अपनी विशेष अदालत में याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद इस फैसले के खिलाफ NIA ने हाईकोर्ट में आपराधिक अपील प्रस्तुत की। इसमें कहा गया है कि NIA केंद्रीय स्तर की जांच एजेंसी है, जिसकी जांच हो चुकी है ।

ऐसे में राज्य शासन को अधिकार नहीं है कि फिर से उसी प्रकरण में अपराध दर्ज कराया जाए। वहीं इस FIR मामले पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पिछले दिनों पुलिस द्वारा आपराधिक प्रकरण की जांच पर रोक लगाई हुई है। इधर, इस मामले में जितेंद्र मुदलियार ने हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर की है। इसमें बताया है कि झीरम हमला सामान्य नक्सली घटना नहीं है। बल्कि इसे राजनीतिक षड्यंत्र के तहत अंजाम दिया गया था।

झीरम घाटी हमला: 8 साल पहले 25 से ज्यादा कांग्रेसी नेता मारे गए

25 मई 2013 को विधानसभा चुनाव से ठीक पहले झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर नक्सलियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में तत्कालीन PCC चीफ नंदकुमार पटेल उनके बेटे दिनेश पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा, पूर्व विधायक उदय मुदलियार सहित 25 से अधिक कांग्रेस नेताओं की हत्या की गई थी।

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