CIMS की हड़ताल दूसरे जिलों में भी फैलेगी:जांजगीर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष ने की घोषणा, कहा-अगर मांगे नहीं मानी तो जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मी आयेंगे बिलासपुर

बिलासपुर2 महीने पहले
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भर्ती किए जाने का इंतजार करता घायल मरीज। - Dainik Bhaskar
भर्ती किए जाने का इंतजार करता घायल मरीज।

आने वाले दिनों में जांजगीर चांपा के स्वास्थ्य कर्मचारी भी सिम्स के स्वास्थ्य कर्मियों के साथ आंदोलन में शामिल होने वाले हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला शाखा के अध्यक्ष मदन साहू ने सिम्स के कर्मचारियों का समर्थन किया है। रिवर व्यू में चल रहे धरना में शामिल होकर उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि कर्मचारियों को उनका हक दिलाया जाए। यदि अस्पताल प्रबंधन ने जल्द मांगे पूरी नहीं की तो समस्त जांजगीर चांपा जिले के स्वास्थ्य कर्मी आंदोलन में शामिल हो जायेंगे।

13 दिन से बिलासपुर के रिवर व्यू में हड़ताल कर रहे सिम्स के मरीज।
13 दिन से बिलासपुर के रिवर व्यू में हड़ताल कर रहे सिम्स के मरीज।

छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान ( CIMS ) के लगभग 400 कर्मचारी पिछले 13 दिन से हड़ताल पर हैं। कर्मचारी पिछले 7 साल से रुके अपने वेतनवृद्धि और खुद को रेगुलर करने की मांग को लेकर रिवर व्यू में धरना दे रहे है। अस्पताल के इन कर्मचारियों को दूसरे जिले के स्वास्थ्य कर्मचारियों का भी साथ मिल रहा है।

मरीजों के इलाज पर पड़ रहा असर

वहीं इतने लंबे वक्त से चल रहे इस हड़ताल का सीधा असर मरीजों के उपचार पर पड़ने लगा है। इलाज के लिए मरीज सिम्स में भटक रहे हैं। कर्मियों की हड़ताल के कारण ऑपरेशन बंद पड़ा हुआ है। 12 दिनों में करीब 440 मरीजों का आपरेशन नहीं हुआ। सर्जरी , हड्डी रोग और ईएनटी विभागके मरीजों को वार्ड में तो भर्ती कर लिया जाता है, लेकिन कुछ घंटों बाद आपरेशन नहीं होना कहकर सिम्स से चलता कर दिया जाता है। इसके कारण मरीज भी सिम्स छोड़कर निजी अस्पतालों में जा रहे हैं।

इलाज के लिए अपनी बारी का इंतजार करते मरीज।
इलाज के लिए अपनी बारी का इंतजार करते मरीज।

9 हजार से अधिक मरीज आए, 63 से अधिक की हुई मौत

पिछले 13 दिन के आंकड़ों पर गौर करें तो मेडिकल कॉलेज में 9 हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचे। साइन 10% यानी 900 गंभीर थे , जिन्हें भर्ती किया गया। 63 मरीजों की मृत्यु हो गई। कुछ गंभीर थे तो कुछ एक्सीडेंट में घायल होकर सिम्स पहुंचे लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई । 54 से अधिक मरीज बिना इलाज यहां से लौट गए। मरीजों के परिजनों का कहना है कि सही इलाज और देखरेख नहीं होने से वे परेशान हो गए और उन्हें मजबूरी में सिम्स छोड़कर जाना पड़ा।

बेनतीजा रही 5 बार की बैठक

वेतनवृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों और सिम्स के डीन के बीच 5 बार बैठक हो चुकी है , लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकल पाया है। कर्मचारी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। इधर सिम्स प्रबंधन नियम का हवाला देकर परीविक्षा अवधि समाप्त करने में आना-कानी कर रहा है।

लगातार बातचीत कर रहे हैं

लंबे समय से चल रहे इस हड़ताल को लेकर सिम्स की CPRO डॉ आरती पांडे ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन लगातार कर्मचारियों के साथ बैठक कर रहा है। उन्हें आंदोलन वापस लेने के लिए कहा जा रहा है लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़े हुए है। मरीजों को हो रही परेशानियों को लेकर उन्होंने कहा प्रबंधन अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा है कि किसी भी मरीज के इलाज में कोई कमी न रहे। इसके लिए हम ठेका कर्मचारियों और इंटर्न स्टाफ की भी मदद ले रहे हैं।

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