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कोरोना वॉरियर्स पर भड़के ग्रामीण:बिलासपुर में वैक्सीनेशन टीम को गालियां देकर भगाया; कहा- टीका नहीं लगवाएंगे, मर जाएंगे तो क्या सरकार जिम्मेदारी लेगी

बिलासपुर5 महीने पहले
ग्रामीणों का कहना है, भीख मांगकर खा लेंगे। छीन लो हमारा राशन कार्ड। गरीब आदमी को इलाज नहीं मिल रहा, बुखार और बीमारी में तड़प रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में वैक्सीनेशन को लेकर सरकार की तमाम कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। कई इलाकों में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम पर हमले की बातें सामने आ रही हैं। अब बिलासपुर में वैक्सीनेशन के लिए पहुंची टीम को ग्रामीणों ने गालियां देकर भगा दिया। कहा कि टीका नहीं लगवाएंगे। हम मर जाएंगे, तो क्या सरकार जिम्मेदारी लेगी। वहीं अफसरों का कहना है कि झूठी अफवाहों के चलते लोगों में डर है।

दरअसल, गनियारी क्षेत्र में मंगलवार को प्रशासन की टीम वैक्सीनेशन के लिए पहुंची थी। उन्होंने कोरोना संक्रमण को लेकर लोगों को जानकारी दी और टीका लगवाने की बात कही। इसी दौरान वहां की महिलाएं भड़क गईं। उन्होंने वैक्सीनेशन से इनकार करते हुए टीम को गालियां देना शुरू कर दिया। काफी देर तक यह हंगामा चलता रहा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम वहां से लौट गई।

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ग्रामीण महिलाओं का कहना था कि टीका नहीं लगवाएंगे। मर जाएंगे तो क्या होगा। हम मर जाएंगे तो सरकार जिम्मेदारी लेगी।
ग्रामीण महिलाओं का कहना था कि टीका नहीं लगवाएंगे। मर जाएंगे तो क्या होगा। हम मर जाएंगे तो सरकार जिम्मेदारी लेगी।

ग्रामीण बोले- भीख मांगकर खा लेंगे, छीन लो हमारा राशन कार्ड

ग्रामीण महिलाओं का कहना था कि टीका नहीं लगवाएंगे। मर जाएंगे तो क्या होगा। हम मर जाएंगे तो सरकार जिम्मेदारी लेगी। बच्चों की जिंदगी भर की शिक्षा, शादी की गारंटी सरकार लेगी। अगर लेगी तो हम टीका लगवा लेंगे। भीख मांगकर खा लेंगे। जाओ छीन लो हमारा राशन कार्ड। महंगाई बढ़ गई है, उसका कोई देखने वाला नहीं है। गरीब आदमी को इलाज नहीं मिल रहा, बुखार और बीमारी में तड़प रहे हैं। घड़ा भर गया है इन नेताओं का, अब फूटेगा।

वॉट्सऐप से फैल रही अफवाह, हम इस ग्रुप का पता नहीं लगा पा रहे

अफसरों का कहना है कि वॉट्सऐप के जरिए वैक्सीन लगवाने के खिलाफ अफवाह फैल रही है। वॉट्सऐप पर फर्जी मैसेज भेजे जा रहे हैं। इन्हें बनाने वाले भी फर्जी डॉक्टर हैं। इसे लेकर लोगों में डर हो गया है। मैसेज भेजने वाले ग्रुप को हम आइडेंटिफाई करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन पता नहीं चल पा रहा है। लोगों के मोबाइल पर ऐसे मैसेज उन्हें और खतरे में डाल रहे हैं। जागरूकता का अभाव होने और झूठ के चलते दिक्कतें आ रही हैं।

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लोगों में वैक्सीन को लेकर डर और गलतफहमी

राज्य सरकार की ओर से 18+ वैक्सीनेशन में अंत्योदय कार्डधारकों को प्राथमिकता दी गई है। वहीं 45 साल की उम्र से ऊपर के लोगों को भी वैक्सीन लगवाई जा रही है। ग्रामीण इलाकों में लोग खुद वैक्सीनेशन सेंटर नहीं आ रहे तो टीम उन तक पहुंच रही है। हालांकि लोगों में इसे लेकर डर और गलतफहमी है। लोग वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार नहीं हो रहे। वैक्सीनेशन के इफेक्ट को देखते हुए लोगों का कहना है कि टीका लगवाने से बीमारी बढ़ जाती है। मौत हो रही है।

हम लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं

कई जगह इस तरह की शिकायतें सामने आई हैं। हम लोगों को समझा रहे हैं। सरकार उनके भले के लिए वैक्सीनेशन करवा रही है। उन्हें यह भी बता रहे हैं कि वैक्सीन के बाद एंटीबॉडी डेवलप होती है तो फीवर आता है। अगर आपको दिक्कत हो रही है तो सरकारी अस्पताल आएं। हमसे कहें, हम खुद दवा लाकर देंगे, पर झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाते हैं। जिससे उनकी मौत हो जाती है। अब धीरे-धीरे वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या बढ़ रही है।
- शिल्पा भगत, नायब तहसीलदार, बिलासपुर

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