राजीव आश्रय योजना:पीएम आवास योजना के विरोध में भीड़ ने घेरा विधायक शैलेष का बंगला

बिलासपुर9 दिन पहले
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विरोध जताने पहुंचे लोगों से विधायक शैलेष ने चर्चा कर मंत्री को फोन किया। - Dainik Bhaskar
विरोध जताने पहुंचे लोगों से विधायक शैलेष ने चर्चा कर मंत्री को फोन किया।
  • मंत्री डहरिया ने राजीव आश्रय योजना के तहत पट्टा देने की बात कही

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किए जा रहे सर्वे का विरोध करते हुए भीड़ ने विधायक शैलेष पांडेय के बंगले का घेराव किया। उन्होंने विधायक से साफ तौर पर कहा कि वे जहां है, उन्हें वहीं रहने दिया जाए और सरकारी पट्टा दिया जाए। विधायक ने नगरीय प्रशासन मंत्री को उनके सामने ही फोन कर उनकी समस्या बताई। मंत्री ने मौखिक सहमति जताते हुए राजीव आश्रय योजना के तहत पट्टा उपलब्ध कराने की बात कही। शुक्रवार को सुबह से ही मौसम खराब था।

इसके बावजूद वार्ड नंबर 21 गुरुृ घासीदास नगर के मिनी बस्ती जरहाभाठा क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में नगर विधायक शैलेष पांडेय के सरकारी बंगले में पहुंचे। विधायक उस समय बंगले पर ही मौजूद थे। लोगों ने विधायक से कहा कि उनके वार्ड में नगर निगम द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सर्वे किया जा रहा है। वे इसका विरोध करते हैं। लोगों ने कहा कि वे लोग पिछले 40 से 50 साल से वहां निवासरत है। वहां विभिन्न समाजों के सामुदायिक भवन, सर्वसुविधा युक्त मंगल भवन और शौचालय आदि की व्यवस्था है।

उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान नहीं चाहिए बल्कि उन्हें वहीं रहने दिया जाए। हां, सरकार योजना अनुसार पट्टा उपलब्ध कराए तो बहुत अच्छा होगा। विधायक पांडेय ने नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया से फोन पर चर्चा की और हालात से अवगत कराया। विधायक ने स्थानीय रहवासियों की मांग अनुसार राजीव आश्रय योजना के तहत पट्टा देने की मांग रखी। मंत्री डहरिया ने मौखिक सहमति जताते हुए राजीव आश्रय योजना के तहत पट्टा उपलब्ध कराने की बात कही है।

दो साल पहले भीड़ जुटी तो विधायक पर हुई थी एफआईआर
शुक्रवार को जुटी भीड़ से दो साल पहले विधायक के बंगले में उमड़ी भीड़ की याद ताजा हो गई। तब कोरोना के कारण लॉकडाउन था व धारा 144 लागू थी। कांग्रेस विधायक पांडेय पर पुलिस ने धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में 188, 269 के तहत जुर्म दर्ज किया था। उन पर आरोप लगा था कि वे अपने बंगले के बाहर भीड़ लगाकर लोगों को राशन बांट रहे थे। तब विधायक ने खुद की गलती न बताते हुए कहा था कि धारा 144 लगने के बाद भी उनके घर तक भीड़ पहुंची, इसमें पुलिस की गलती है। वे इस मामले में कोर्ट जाएंगे। कांग्रेस पार्टी के ही विधायक के खिलाफ एफआईआर को गुटबाजी से जोड़कर देखा गया था।

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