काफी संघर्ष के बाद बच्चे को लगा जिंदगी का टीका:आठ माह के अयांश को बैंग्लुरु में लगा 16 करोड़ का इंजेक्शन, डॉक्टरों की निगरानी में फिलहाल वह स्वस्थ

बिलासपुर2 महीने पहले
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राजकिशोर नगर के अंचल दुबे के आठ महीने के बेटे अयांश को बैंग्लुरु में 16 करोड़ रुपए का जोलगेन्जमा इंजेक्शन लग गया है। उसे स्पाइनल मस्कुलर एट्राफी नाम की बीमारी ने घेर लिया था। तभी से परिजन उसे स्वस्थ करने की जद्दोजहद में जुट गए। दो दिन पहले अयांश को बेप्टीश हॉस्पिटल में जिंदगी का यह टीका लगा है।

परिजनों के मुताबिक वह स्वस्थ्य है और फिलहाल उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। बिलासपुर का यह पहला ऐसा मामला है, जिसमें एक बच्चे को इतना कीमती इंजेक्शन लगाया गया है। दैनिक भास्कर ने अयांश की खबर को विस्तार से प्रकाशित किया था। बताया था कि बच्चे को सांस लेने और दूध पीने में परेशानी है। माता-पिता को शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान ही डॉक्टरों ने अयांश के स्पाइनल मस्कुलर एट्राफी बीमारी के बारे में बताया और यह भी बताया कि इसका इलाज काफी महंगा है।

प्रारंभ में परिजन इस कोशिश में जुटे रहे कि पैसे इकट्‌ठे हो जाएं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें बैंग्लुरु के ही अस्पताल में अयांश का इलाज करने वाली डॉ.मैथ्यू ने उन्हें जीमैप प्रोग्राम के बारे में बताया। यह जानकारी दी कि इस प्रोग्राम के तहत इस बीमारी से जुड़े दो साल की उम्र से कम के बच्चे को इसका वैक्सीन फ्री में मिल सकता है। परिजनों ने बिना देर किए सारी औपचारिकताएं निभाईं। कुछ दिन बाद पता लगा कि अयांश को उसी व्यवस्था के तहत 16 करोड़ का इंजेक्शन मिल जाएगा। जिसके बाद ही दो दिन पहले यानी मंगलवार को जोलगेन्जमा नामक इंजेक्शन लगा है।

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