ट्रैफिक की बाधा दूर करें:मरीमाई रोड के लिए सहयोग करने सब हैं तैयार, प्रशासन पहल तो करे

बिलासपुर10 महीने पहले
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मरीमाई बाईपास रोड: देखिए सड़क पर नाली और बिजली का खंभा बाधक। - Dainik Bhaskar
मरीमाई बाईपास रोड: देखिए सड़क पर नाली और बिजली का खंभा बाधक।

शहर हो या बाह्य क्षेत्र में आबादी और वाहनों अनुपात में मास्टर प्लॉन के मुताबिक ट्रैफिक की समस्या दूर करने के लिए सड़कों का विस्तार किया जा रहा है। रोड चौड़ीकरण और बाइ पास रोड बनाने के लिए हर जगह सहयोग लेकर काम हुआ। कहीं कहीं सख्ती बरतने की भी जरूरत पड़ी। धार्मिक स्थान जैसे संवेदनशील मामले में भी जनसहयोग से हर जगह समाधान हुआ।

लिंक रोड का ट्रैफिक डायवर्ट करने तथा तालापारा से पं दीनदयाल उपाध्याय चौक, श्रीकांत वर्मा मार्ग और व्यापार विहार तक आसान पहुंच के लिए मरी माई बाइ पास रोड के चौड़ीकरण के लिए ‘दैनिक भास्कर’ शासन, प्रशासन व आमजन से सकारात्मक पहल कर रहा है। मरी माइ बाइ पास रोड के निर्माण में आने वाली बाधा के मुद्दे पर भास्कर ने सभी पक्षों से बात की तो सब रोड चौड़ीकरण के प्रति संजीदा नजर आए। इमलीपारा रोड, रायपुर हाइवे और वेयर हाउस के पास मिट्टी तेल गली का उदाहरण सामने है। इन सड़कों के विकास के लिए नियमानुसार बेजा कब्जा हटाया गया। मंदिर, जैत खंभ शिफ्ट किए गए। अब इन सड़कों पर यातायात सुगम हो चुका है।

मरीमाई रोड पर व्यवसायिक निर्माण को बढ़ावा मिलेगा
मरीमाई रोड पर वर्तमान में छुटपुट दुकानें हैं। सड़क सकरी है, इसलिए बड़ी दुकान, कांप्लेक्स मरी माई रोड के प्रवेश द्वार तथा छोर पर भारत चौक के आस पास सिमट गई हैं। रोड चौड़ीकरण करते ही रोड के दोनों ओर के भूस्वामियों को अपनी जमीन का मनचाहा उपयोग करने का अवसर मिलेगा। नगर तथा ग्राम निवेश ने रिहायशी क्षेत्र में भी व्यवसायिक निर्माण के लिए लेंड यूज चेंज कराने का प्रावधान किया है। निर्धारित शुल्क के आधार पर व्यवसायिक निर्माण किए जा सकते हैं। स्पष्ट है कि सड़क चौड़ीकरण करने से इमलीपारा, तालापारा रोड की तरह मरी माई रोड के विकास में बड़ी मदद मिलेगा। सबसे बड़ा फायदा यहां रहने वालों को भूमि की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में मिलेगा।

रोड की मार्किंग करें, जनहित में सहयोग करेंगे
मरीमाई रोड का चौड़ीकरण हर दृष्टि से आवश्यक है। आम लोगों की इसमें कोई दो राय नहीं होगी। जहां तक सुब्हानिया अंजुमन इस्लामिया सोसायटी बिलासपुर का प्रश्न है तो प्रशासन रोड की नाप जोख कर मार्किंग कराए। सेंटर लाइन से दोनों ओर 20-20 फुट की चौड़ाई के हिसाब से यदि कब्रिस्तान या स्कूल की बाउंड्री उसकी जद में आती है तो सोसायटी उस पर बैठक बुलाकर निर्णय लेगी। जनहित में जो भी आवश्यक होगा संस्था इस आश्वासन पर सहयोग करने के लिए तैयार कि जो भी डैमेज होगा,उसकी रिपेयरिंग कराई जाएगी।
-एमएसके खोखर सचिव, अंजुमन सोसायटी

मरीमाई मंदिर प्राचीनतम है। जब बना तो क्षेत्र धरसा था। 1928 के राजस्व रिकार्ड के मुताबिक मंदिर 16 डिसमिल में बना है। उस वक्त फ्रंट में एक-डेढ़ फुट जमीन छोड़कर निर्माण हुआ था। सड़क के दूसरी ओर बेजा कब्जा नजर आता है। प्रशासन की यदि सड़क चौड़ीकरण की मंशा है, तो नियमानुसार बेजा कब्जा हटाकर चौड़ीकरण किया जाना चाहिए। लिंक रोड का ट्रैफिक डायवर्ट करने के लिए चौड़ीकरण से मदद मिलेगी।
-उमाशंकर जायसवाल संरक्षक, अध्यक्ष मरी माई मंदिर समिति

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