रेंजर से 1.4 करोड़ ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार:CBI का डर दिखाकर 3 लोगों ने मुंगेली रेंजर से वसूले थे 1.4 करोड़ रुपए, 2 पहले ही जा चुके है जेल, अब 7 महीने से फरार आरोपी सरताज भी हुआ गिरफ्तार

बिलासपुर2 महीने पहले
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तत्कालीन मुंगेली रेंजर पीआर नेताम। - Dainik Bhaskar
तत्कालीन मुंगेली रेंजर पीआर नेताम।

CBI का दर दिखाकर मुंगेली जिले के रेंजर से 1.4 करोड़ ऐंठने वाले 3 आरोपी सरताज को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामला सामने आने के बाद से आरोपी सरताज 7 महीने से फरार चल रहा था। सरताज और उसके 2 साथियों पर फर्जी पत्रकार बनकर रेंजर से पैसे वसूलने का आरोप लगा था। सरताज से पहले उसके दो साथियों परमवीर मरहास और उसकी महिला मित्र वर्षा तिवारी को मुंगेली पुलिस ने पहले गिरफ्तार कर लिया था जिसके बाद से ही दोनों जेल की हवा खा रहे है।

परमवीर मरहास (40) और उसकी महिला मित्र वर्षा तिवारी(30) ।
परमवीर मरहास (40) और उसकी महिला मित्र वर्षा तिवारी(30) ।

6 महीने पहले 3 जनवरी को मुंगेली रेंजर सीआर नेताम ने CBI जांच का डर दिखाकर कथित 2 पत्रकारों समेत 3 लोगों पर 1.4 करोड़ रुपए वसूली की मुंगेली के कोतवाली पुलिस स्टेशन में शिकायत की थी। जिसके बाद घेराबंदी कर परमवीर मरहास (40) और उसकी महिला मित्र वर्षा तिवारी(30) को गिरफ्तार किया था। तब आरोपियों के पास से 8.15 लाख नकद सहित ,स्विफ्ट कार, एक्टिवा स्कूटी और सोने के जेवर सहित सोने के जेवर जब्त किए थे, जिनकी कुल कीमत 25 रुपए पुलिस ने बताई थी। लेकिन पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ती उससे पहले ही इस गैंग का तीसरा आरोपी सरताज फरार होने में कामयम हो गया।

कैसे करते थे ब्लैकमेल

पुलिस के मुताबिक दरअसल सरताज झाड़ फूंक का काम करता था। रेंजर नेताम की पोस्टिंग जब मुंगेली से पहले रतनपुर में थी तब कुछ परेशानियों को लेकर वह सरताज के संपर्क में आए थे। सरताज ने उन्हें कुछ वित्तीय गड़बड़ी हो जाने की बात सुनी थी। मई 2019 में आरोपी सरताज ने अपने साथियों को बताया था कि फारेस्ट रेंजर सीआर नेताम भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, उसे डराएंगे-धमकायेंगे तो काफी लंबी रकम मिलेगी। सरताज की बातों में आकर फिर उसके दोनों अन्य साथियों ने रेंजर के ब्लैकमेल करने की योजना बनाई। फारेस्ट आफिस जाकर उन्होंने रेंजर सीआर नेताम को कहा कि आपके विरुद्ध भ्रष्टाचार का गंभीर शिकायत सीबीआई के पास हुई है। इसकी जांच सीबीआई चीफ द्वारा की जा रही है। इस पर नेताम ने भ्रष्टाचार करने से इंकार किया। लेकिन पत्रकारों ने उसे सीबीआई द्वारा अंडमान निकोबार जेल भेजने और पूरे परिवार सहित बर्बाद करने की धमकी दी। इसके बाद रेंजर नेताम रकम देने को राजी हो गए। किश्तों में कुल 1 करोड 40 लाख रुपए नेताम ने दिए। इस पैसे से बुलेट, स्विफ्ट कार, सफारी कार, एक्टिवा तथा सोने की जेवर इत्यादि खरीदे।

सरताज अली कांग्रेस पार्टी में कार्यकर्ता के तौर पर भी काम कर चुका है।
सरताज अली कांग्रेस पार्टी में कार्यकर्ता के तौर पर भी काम कर चुका है।

पुश्तैनी मकान बेचने लगे तब बच्चों को पता चला मामला

एसपी अरविंद कुजूर ने बताया कि नेताम ने घटना का जिक्र किसी से नहीं किया। केवल अपनी पत्नी को बताया और बचाव के लिए राशि देते-देते उनकी सारी संपत्ति खत्म हो गई। उन्होंने लोगों से उधारी ली, जेवर गिरवी रखे। अब उनके पास देने के लिए कुछ बाकी नहीं रहा। अंतिम किश्त मांगने पर अपना पुश्तैनी मकान बेचने का सौदा किया, तब जाकर उनके बच्चों को इसकी जानकारी हुई और उनके बच्चों ने मकान बेचने से इंकार कर मकान बेचने का कारण जानना चाहा। तब घटना खुलकर सामने आयी और नेताम ने मुंगेली सिटी कोतवाली को इसकी जानकारी दी।

बाद में वन विभाग ने रेंजर के खिलाफ भी शुरू की थी जांच, किया सस्पेंड

आरोपियों के पकड़े जाने के बाद रेंजर नेताम के खिलाफ भी वन विभाग ने जांच शुरू कर दी थी। जांच इसलिए क्युकी नेताम की इतनी सैलरी नही थी की वह इतने रुपए आरोपियों को दे सके। बाद में विभागीय जांच में गड़बड़ी पाए जाने के बाद मुंगेली वनमंडल के रेंजर सीआर नेताम को निलंबित कर दिया गया था। वहीं, बिलासपुर डीएफओ ने राज्य शासन को पत्र लिखकर मामले की जांच के लिए स्तरीय कमेटी का गठन करने की मांग भी की थी। डीएफओ ने अपने पत्र में सीआर नेताम के चार साल के कार्यकाल की जांच करने की मांग की थी। जिसके बाद नेताम के खिलाफ अभी विभागीय जांच जारी है।