आरओबी का निरीक्षण:फ्लाईओवर 30 महीने लेट, जर्जर एप्रोच रोड पर सचिव ने जताई नाराजगी

बिलासपुर4 महीने पहले
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निरीक्षण करते नगरीय प्रशासन सचिव। - Dainik Bhaskar
निरीक्षण करते नगरीय प्रशासन सचिव।
  • अमृत मिशन के कार्यों पर नगरीय प्रशासन सचिव अलरमेलमंगई डी.ने असंतोष जताया, खुदाई के साथ सुधार के निर्देश

65.77 करोड़ की लागतवाले तिफरा फ्लाई ओवर ब्रिज का निर्माण 30 महीने लेट हो चुका है। इसे मार्च 2019 में पूर्ण हो जाना था, परंतु ठेकेदार ब्रह्मपुत्र विनोद कुमार गुप्ता की लापरवाही से कार्य अब तक अधूरा है। हाईकोर्ट के प्रकरण पर शपथ पत्र पेश करने पहुंची नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी. ने सूडा के एडिशनल सीईओ के साथ तिफरा आरओबी का निरीक्षण किया।

फ्लाई ओवर का काम अपूर्ण होने के कारण सारा ट्रैफिक एप्रोच रोड पर चल रहा है और इसकी जर्जर हालत देख कर सचिव ने नाराजगी जताते हुए हफ्ते भर के अंदर इसके डामरीकरण के निर्देश चीफ इंजीनियर नगरी प्रशासन को निर्देश दिए। मौके पर उपस्थित विभाग के मुख्य अभियंता वोमकेश चंद्रवंशी और ठेका कंपनी को जल्द से जल्द बचे हुए कार्यों को पूर्ण कराने कहा।नगरीय प्रशासन के अधिकारियों द्वारा बताया गया की निर्माणाधीन पुल में रेल्वे के 82 मीटर के हिस्से का कार्य ही ज्यादा बचा है,जिस पर सचिव ने रेल्वे अधिकारियों से समन्वय बनाकर शेष कार्यों को दिन और रात दोनों समय मिशन मोड में करते हुए पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

अमृत मिशन की सड़कें दो दिन में ठीक करें
नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव व्यापार विहार स्मार्ट सड़क का भी अवलोकन किया। उन्होंने अमृत मिशन योजना के तहत जहां खुदाई हुई है, उसे दो दिन में ठीक करने कहा। बिजली पोल की शिफ्टिंग को लेकर सीएसईबी से समन्वय बनाकर जल्द शिफ्ट कराने तथा स्मार्ट सड़क में जितने भी कार्य शेष हैं उन्हें जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए । उन्होंने शहर की सभी प्रमुख सड़कों जिनमें श्रीकांत वर्मा मार्ग,मगरपारा, तालापारा,नेहरू चौक से मंगला चौक,गौरवपथ,सीपत रोड,तिलक नगर समेत अन्य सड़कों का जायजा लिया।

शहर में सड़कों के निर्माण के लिए मंगाया प्रस्ताव
सचिव ने निगम के इंजीनियरों को शहर में सड़कों के निर्माण और मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने कहा तथा अधूरे कार्यों की जानकारी निगम कमिश्नर अजय त्रिपाठी से ली। उन्होंने अमृत मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाने के लिए की जाने वाली खुदाई के साथ ही साथ सड़क का सुधार गुणवत्ता के साथ करने के निर्देश दिए ताकि आमजन को असुविधा न हो।

गर्डर मंगवाने में महीनों देर हुई
तिफरा फ्लाई ओवर के निर्माण में देरी के लिए स्थानीय इंजीनियरों की उदासीनता रही। वह ठेकेदार से समय पर कार्य कराने में नाकाम रहे। रेलवे के हिस्से के लिए गर्डर तैयार कराने में ठेकेदार को महीनों लग गए। पहले यह कार्य जनवरी, फिर फरवरी तथा दी गई हर डेट पर इसकी डिलिवरी नहीं मिली।

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