सीधी भर्ती:30 साल बाद पहली बार छग में निकली 595 प्रोफेसर पद पर भर्ती, पर उम्र सीमा के चलते अधिकांश अपात्र

बिलासपुरएक महीने पहले
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  • 1993 में भर्ती किए गए सहायक प्राध्यापकों की उम्र 45 वर्ष से पार हो गई है।

शासकीय कॉलेजों में प्राध्यापकों के 595 पदों पर सीधी भर्ती निकली है। इसके लिए लोक सेवा आयोग के माध्यम से विज्ञापन जारी किया गया है। 30 साल बाद प्राध्यापकों की भर्ती होने जा रही है। पर इस भर्ती में उम्र का बंधन तय कर दिया है। यूजीसी के नियम के अनुसार प्राध्यापक के लिए 10 साल पढ़ाने का अनुभव भी होना चाहिए। इसके कारण जो सहायक प्राध्यापक सन् 1993 में भर्ती हुए थे, उनकी उम्र ज्यादा हो गई है।

इसके बाद जो सन् 2012 में सहायक प्राध्यापक भर्ती हुए उनका अनुभव 10 साल नहीं हुआ है। अब छत्तीसगढ़ के शासकीय कॉलेजों में पढ़ा रहे सहायक प्राध्यापकों को प्राध्यापक बनने का मौका नहीं मिलेगा।nअविभाजित मध्यप्रदेश में 1990 में प्राध्यापक के पद पर पहली बार भर्ती हुई थी, इसके बाद छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पहली बार इस पद पर भर्ती हो रही है। मगर दस वर्ष का अध्यापन अनुभव व पीएचडी की अनिवार्यता और दूसरी ओर उम्र अनारक्षित वर्ग के लिए 45 साल और ओबीसी एससी और एसटी के लिए 50 वर्ष किया गया है। इससे ज्यादातर सहायक प्राध्यापक इस पद के लिए अपात्र हो जाएंगे। 1993 में भर्ती हुए सहायक प्राध्यापकों की उम्र अधिक हो गई है, वहीं उसके बाद भर्ती हुए सहायक प्राध्यापकों में अधिकांश पीएचडी नही हैं, तो बहुत से लोगों की सेवा 10 साल नहीं हुआ है।

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