शावक की मौत से बिफरी बाघिन:वन विभाग के अफसरों ने यह राज खोला; गांवों में अलर्ट, चेतावनी- किसी पर भी हमला कर सकती है

बिलासपुर10 महीने पहले
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एटीआर से लगे टिंगीपुर और आसपास के क्षेत्र में बाघ और बाघिन पिछले दो महीने से लगातार घूम रहे हैं। क्योंकि अक्टूबर के पहले सप्ताह में बाघ ने जोगीपुर में भैंस का शिकार किया था। भैंस की मौत के बाद मालिक को मुआवजा भी दिया था। पैरों के निशान तो लगातार मिल ही रहे हैं।

शावक की मौत के बाद वन विभाग के अफसरों ने यह राज खोला। डीएफओ सत्यदेव शर्मा का कहना है कि पांच माह के शावक की मौत के बाद बाघिन गुस्से में है। रात में उसके दहाड़ने की आवाज सुनाई दे रही है। हमने अपने कर्मचारियों से कह दिया है कि जंगल के अंदरुनी हिस्से में न जाएं, क्योंकि बाघिन किसी पर भी हमला कर सकती है। साथ ही टिंगीपुर, जोगीपुर, सावतपुर, न्यूबहोड़ सहित आसपास बसे गांवों में अलर्ट जारी कर बता दिया है। कि रात में घर से बाहर न निकलें। खासकर अकेले कहीं न जाएं।

क्योंकि बाघ और बाघिन लगातार इसी क्षेत्र में घूम रहे हैं, उनकी दहाड़ सबको सुनाई दे रही है। इसलिए सुरक्षित रहें। डीएफओ ने यह भी बताया कि बाघिन की सर्चिंग चल रही है लेकिन अकेले किसी भी कर्मचारी को जाने नहीं दिया जा रहा है। पांच-पांच कर्मचारियों की चार टीमें बनाई गई हैं जो पूरे 10 से 15 किलो मीटर के क्षेत्र में बाघिन और बाघ की खोजबीन में लगी है। हालांकि अभी तक सिर्फ पंजे और दहाड़ने की आवाज ही सुनाई दी है लेकिन बाघ और बाघिन किसी को दिखाई नहीं दिए। अब सोमवार से हाथी राजू भी पेट्रोलिंग करेगा। डीएफओ का कहना है कि बाघिन चोटिल या फिर से किसी तरह की परेशानी में तो नहीं है इसलिए उसकी तलाश की जा रही है। कैमरे में भी अगर कैद हो जाती है तो उसी के माध्यम से हम उसकी स्थिति देख लेंगे।

हर तरफ पदचिन्ह और पेड़ों पर खरोंचने के निशान
टिंगीपुर से थोड़ी आगे यानी 100 मीटर नाले के पास बाघ और बाघिन दोनों के पंजों के निशान मिले थे। इसके अलावा पेड़ पर खरोंच दिखी थी। सिहावल सागर से टिंगीपुर जाने वाले एटीआर की बाउंड्री के कुछ दूर पर मेन रोड़ के किराने भी सड़क पर खरोंच के निशान पाए गए। इसके अलावा कई जगह पर पगमार्क मिले हैं।

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