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लापरवाही:चावल, मिट्टी तेल व शक्कर में चार करोड़ की हेराफेरी, किसी पर कार्रवाई नहीं

बिलासपुर8 महीने पहले
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खाद्य विभाग द्वारा संचालित शहर की 11 सरकारी उचित मूल्य की दुकानों में दो करोड़ सात लाख रुपए का राशन घोटाला सामने आ चुका है। वहीं गांवों में आठ राशन दुकानों में 27 लाख रुपए की गड़बड़ी का पता चला है। दोनों ही मामलों में किसी भी राशन दुकान संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। खाद्य विभाग ने वसूली का पत्राचार कर मामले की प्रक्रिया को लगभग खत्म कर दिया है। यही कारण है कि गड़बड़ी करने वालों के हौसले बढ़ रहे हैं। दैनिक भास्कर ने खबर में बताया था कि बंधवापारा में सरकारी दुकान चलाने वाले लक्ष्मी नारायण की दुकान से 79.53 क्विंटल चावल स्टाक में कम पाया गया। इसकी लागत दो लाख 86 हजार आठ सौ 65 रुपए है। मसानगंज में नानक राम नागदेव की दुकान से 393 क्विंटल चावल कम मिला है। 14 लाख 17 हजार 6साै 63 रुपए की गड़बड़ी की है। जवालीपुल जूना बिलासपुर में अमरदीप बोलर ने 396 क्विंटल चावल की अफरा-तफरी की है। लागत 14 लाख 31 हजार तीन सौ 33 रुपए है। अशोक नगर में जय प्रकाश गुप्ता की दुकान से चावल, नमक शक्कर और रिफाइंड में हेराफेरी हुई है। कुल लागत 15 लाख 39 हजार चार सौ 71 रुपए है। टिकरापारा में एस चौहान की दुकान से शक्कर और मिट्‌टी तेल गायब है। इन्होंने 30 हजार दो सौ 14 रुपए का घोटाला किया है। अशोक विहार सरकंडा के दिनेश गुप्ता की दुकान से 105 क्विंटल चावल, 2.41 क्विंटल शक्कर14.47 क्विंटल नमक कम है। टिकरापारा के अरविंद आटले की दुकान से 620.84 क्विंटल चावल गायब मिला है। 3 क्विंटल नमक भी कम मिला है। इन्होंने 22 लाख 39 हजार तीन सौ 69 रुपए की गड़बड़ी की है। जिले के आठ गांव में सरकारी राशन की दुकान चलाने वाले 8 संचालकों ने मिलकर 27 लाख रुपए का राशन घोटाला कर दिया है। सरकंडा में मनोज दुबे की दुकान से 460.45 क्विंटल चावल कम मिला है। 0.96 क्विंटल शक्कर भी कम है। इन्होंने 16 लाख 60 हजार आठ सौ 47 रुपए की गड़बड़ी की है। तारबाहर में चर्च के पास चंद्रशेखर बिनकर के यहां से 20 लाख रुपए का चावल, शक्कर, नमक मिट्‌टी तेल कम मिला है। नारियल कोठी में गायत्री नर्सिंग की दुकान से 16 लाख 97 हजार रुपए का चावल शक्कर कम मिला है। इनमें मस्तूरी और कोटा के शासकीय उचित मूल्य की दुकान संचालित करने वाले लोग शामिल हैं। इस गड़बड़ी के कारण ही सरकार ने इन दुकानों का डिलीवरी ऑर्डर ब्लॉक कर दिया है। जिससे सितंबर माह में क्षेत्र के ग्रामीणों को चावल नसीब नहीं हो पाया है। इन सभी प्रकरणों में वसूली की चिट्‌ठी लिखी गई हैं। तहसीलदार को आरआरसी जारी करने के निर्देश हैं। पर मामले में एफआईआर जैसी प्रक्रियाएं नहीं बढ़ाई जा रही हैं। इस कारण खाद्य विभाग अफसरों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। खाद्य नियंत्रक हिचकीएल मसीह मामले में नियमपूर्वक कार्रवाई करने की बात कहकर इससे पल्ला झाड़ रहे हैं। उनके मुताबिक विधिवत सारी औपचारिकताएं जारी हैं।

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