डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर:बिलासपुर के 37 गांव शामिल, सेंदरी, सेलर, रमतला, बिरकोना से गुजरेंगी मालगाड़ियां

बिलासपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
भुसावल नागपुर से खड़गपुर दानकुनी तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना की जद में बिलासपुर के 37 गांव शामिल हैं। - Dainik Bhaskar
भुसावल नागपुर से खड़गपुर दानकुनी तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना की जद में बिलासपुर के 37 गांव शामिल हैं।

आपको यह जानकार खुशी होगी कि भारतीय रेलवे द्वारा तैयार करवाए जा रहे भुसावल नागपुर से खड़गपुर दानकुनी तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना की जद में बिलासपुर के 37 गांव शामिल हैं। यानी आने वाले दिनों में इन 37 जगहों पर नई रेल लाइन बिछने वाली है और सेंदरी, रमतला, बिरकोना बैमा जैसे छोटे गांवों से मालगाड़ियां गुजरने वाली हैं।

इससे ना सिर्फ इन गांवों में औद्यौगिक गतिविधियां बढ़ेंगी। नई इंडस्ट्री भी तैयार होंगी। इसी तैयारी के लिए कोलकाता से रेल मंत्रालय की अनुषंगी कंपनी ने कलेक्टर को चिट्ठी भेजी है। इसमें ही यहां भूमि सर्वे का काम शुरू कराने और इन जगहों के नक्शे की मांग की गई है। आने वाले दिनों में जमीन मालिकों को मुआवजा प्रदान करने के बाद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सबकुछ ठीक रहा तो कुछ साल में इन गांवों से ट्रेनें चलने लगेंगी।

देश में माल ढुलाई की सुविधा बढ़ाने के लिए रेलवे ने एक बड़ी योजना तैयार की है। रेलवे ने देश के पूर्वी और पश्चिमी इलाके के औद्योगिक क्षेत्रों को दक्षिण भारत से जोड़ने के लिए करीब 4,000 किलोमीटर का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने की पहल शुरू की है। यह प्रस्तावित कॉरिडोर रेलवे के अगले बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसमें देश के पूर्वी और पश्चिमी इलाके को दक्षिण भारत के साथ ओडिशा और आंध्र प्रदेश के प्रमुख बंदरगाह से जोड़ा जाएगा

कई जगहों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू हुए इस काम की नींव रखी जा रही है। बिलासपुर में भुसावल-नागपुर-खड़गपुर-दानकुनी (कोलकाता के पास) मार्ग को जोड़ने वाला 1,673 किलोमीटर का पूर्व-पश्चिम गलियारा बनाया जाएगा।

इसके लिए ही भारतीय रेल परियोजना के तहत निर्मित किए जा रहे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा बिलासपुर जिले में प्रभावित गांवों की सूची तैयार कर ली गई है। यहां कलेक्टर से पटवारी नक्शे की मांग हुई है। बताया गया है कि इससे ही छत्तीसगढ़ में इस योजना के तहत जल्द काम शुरू और उसे पूरा किया जाएगा। कलेक्टोरेट से यह चिट्ठी आगे बढ़ाई जा रही है।

रेल मंत्रालय की उपक्रम कंपनी ने भेजी इन 37 गांवों की सूची
भारतीय रेल मंत्रालय के उपक्रम से बिलासपुर में जिन 37 गांवों की सूची भेजी गई है। उनमें निरतू, लोंखडी, तुर्काडीह, हाफा, सकरी, मेंड्रा, सैदा चिचिरदा, छतौना, डोढ़की, केंवची, पेंड्रीडीह, हरदी, हिर्री, उडगन, अमेरी अकबरी, दगौरी, उड़नताल, बिल्हा, कुकदा, बरेली, सोंठी, बिटकुला, कारीछापर, नरगोड़ा, जुहली, झलमला, ठरकपुर, कोंआताल, हिंडाडीह, सीपत, सेंदरी, सेलर, रमतला, बैमा, बिरकोना गांव शामिल हैं।

जोन को यह लाभ, नई इंडस्ट्री खड़ी होगी
केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 2021-22 का केंद्रीय बजट पेश किया था। इसमें ही अलग-अलग रेलवे के लिए चिंहित कॉरिडोर में एक भुसावल-खड़गपुर-दानकुनी भी शामिल है। इसके बनने से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को फायदा होगा। यह कॉरिडोर जोन के बिलासपुर समेत सारे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगा। इससे नई इंडस्ट्री स्थापित होंगी। जाहिर है कि अलग रेल लाइन से बिना ट्रैफिक दबाव के मालगाड़ियों का परिचालन किया जा सकता है। इससे माल लदान बढ़ेगा और रेलवे की आय में भी इजाफा होगा। हालांकि इस परियोजना को पूरा होने में वक्त लगेगा। पहले चरण में सर्वे होगा।

भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी योजना
डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना भारतीय रेल की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके निर्माण के बाद क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलेगा।
साकेत रंजन, सीपीआरओ, रेलवे जोन, बिलासपुर

खबरें और भी हैं...