जनहित याचिका पर सुनवाई:हाईकोर्ट का आदेश जर्जर सड़कों पर हो सकता है हादसा, पीडब्ल्यूडी और निगम इनका सुधार करे

बिलासपुर4 महीने पहले
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नगर निगम क्षेत्र की सड़कों की खराब स्थिति को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर हुई है। इस पर गुरुवार को सुनवाई के दौरान लोगों की पीड़ा पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा इन सड़कों पर कभी भी दुर्घटना हो सकती है।

युगलपीठ ने लोक निर्माण विभाग के सचिव और नगर निगम बिलासपुर के आयुक्त को सड़कों को समयबद्ध तरीके से सुधारने का आदेश दिया है। हिमांश सलूजा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर बिलासपुर नगर निगम की सीमा के भीतर की सड़कों की बदहाल स्थिति को सुधारने की मांग की है। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने सड़क सुधारने के लिए निश्चित तारीख बताने के लिए लोक निर्माण विभाग के सचिव और नगर निगम बिलासपुर के आयुक्त से शपथ पत्र में जवाब मांगा था। साथ ही जवाब देने के लिए कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान सड़कों के सुधार पर शासन के तरफ से जवाब प्रस्तुत हुआ। इस जवाब से न्यायालय असंतुष्ट दिखा।

युगलपीठ ने लोक निर्माण विभाग और नगर निगम के कार्यों की समीक्षा के लिए और सड़कों की स्थिति से कोर्ट को अवगत कराने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव, अधिवक्ता प्रतीक शर्मा व राघवेंद्र प्रधान को न्यायमित्र बनाया। अधिवक्ताओं की यह तीन सदस्यीय समिति बनाने के साथ ही कोर्ट ने शासन, पीडब्ल्यूडी व नगर निगम की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं विवेक रंजन तिवारी, गगन तिवारी व पंकज अग्रवाल को आदेश दिया कि वे समिति के साथ मिलकर सड़क सुधार कार्य की प्रगति का निरीक्षण करें। साथ ही युगलपीठ ने कहा कि शहर की सड़कों की दुर्दशा से लोग परेशान हैं। कोर्ट ने लोगों की पीड़ा को समझते हुए कहा जर्जर सड़क से लोग त्रस्त हो चुके हैं और वे खराब सड़कों पर चलने को मजबूर हैं। जबकि इन सड़कों पर कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है।

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