बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओ मुहिम को और असरदार करने की जरूरत:बच्चियों को पढ़ाने में दुर्ग-रायपुर आगे पांच साल में 1.7 प्रतिशत बढ़ीं शिक्षित बेटियां

बिलासपुर10 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ में शिक्षा में पिछले पांच साल में सिर्फ 1.7 फीसदी बढ़ोतरी हुई। आज भी जिले की 29 सहित प्रदेश की 30.7 फीसदी बेटियां शिक्षा के अधिकार से दूर हैं। 6 वर्ष या इससे अधिक उम्र की लड़कियां भी स्कूल तक नहीं पहुंच पा रही हैं।

ग्रामीण इलाकों की स्थिति ज्यादा खराब है। शहर में 20 फीसदी तो ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 34 फीसदी बच्चियां स्कूल की दहलीज तक नहीं पहुंच पाईं। सरकार को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की मुहिम को और असरदार करने की जरूरत है। यह सब कुछ नेशनल हेल्थ रिपोर्ट कह रही है। छत्तीसगढ़ के सरकारी आंकड़ों के हिसाब से राज्य की 69.3% बेटियां ही शिक्षा हासिल कर रही हैं। जबकि पिछली बार यानी वर्ष 2015-16 में हुए सर्वे के मुताबिक राज्य में 67.6 फीसदी बेटियां स्कूल जा रही थीं, इस रिपोर्ट में 1.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है लेकिन पांच साल में कुछ विशेष बढ़ोतरी नहीं दिख रही है।

बिलासपुर जिले की बात करें तो जिले में शिक्षा के क्षेत्र में कोई सुधार नहीं हुआ है। 2015-16 में जिले की 70.9 फीसदी बच्चियां स्कूल जा रही थीं, और 2020-21 की रिपोर्ट में भी आंकड़े उतने ही हैं। नई रिपोर्ट के हिसाब से बिलासपुर में 71 प्रतिशत बच्चियां शिक्षा हासिल कर रही हैं। 29 फीसदी इस अधिकार से वंचित हैं। पढ़ाई के क्षेत्र में सबसे ज्यादा सुधार रायपुर में हुआ है लेकिन फिर भी दुर्ग से राजधानी पीछे है। रायपुर ने पिछले पांच साल में इस क्षेत्र में 6.8 फीसदी बढ़ोतरी हासिल की और प्रतिशत 77.1 पर जा पहुंचा।

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