पानी को तरसे लोग:यहां 2 किलोमीटर दूर से लाना पड़ता है पानी, बोर-पंप सब सूखे

बिलासपुरएक महीने पहले
इस तरह से अलग-अलग माध्यम से लोग पानी भरकर ले जाते हैं। - Dainik Bhaskar
इस तरह से अलग-अलग माध्यम से लोग पानी भरकर ले जाते हैं।

बिलासपुर में मई के भीषण गर्मी में जलस्तर 45 से 50 फीट नीचे चला गया है। इसके चलते कई इलाकों में जल संकट की स्थिति शुरू हो गई है। नगर निगम के वार्ड क्रमांक 12 सिरगिट्‌टी के फदहाखार और इससे लगे गांव कोरमी की यह तस्वीर देखकर हर कोई हैरान हो सकता है। दरअसल, उन्हें पीने के पानी के लिए दो किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि निगम सीमा में रहने वाले लोगों को पानी के लिए गांव पर निर्भर होना पड़ रहा है।

गांव के बाहर दो किलोमीटर दूर एकमात्र हैंडपंप चालू है, जिसमें पानी लेने के लिए सुबह और शाम लोगों की लाइन लगी रहती है। इस भीषण गर्मी में यहां रहने वाले लोगों को अपनी मजदूरी छोड़कर पानी के लिए जद्दोजहद करना पड़ रहा है। हालत यह है कि लोग सिर में बर्तन लेकर पानी ढो रहे हैं, तो कोई साइकिल, रिक्शा, ठेला और बाइक में पानी ढोते नजर आ रहे हैं।

ठेले में इस तरह से पीने के पानी का इंतजाम कर रहे लोग
ठेले में इस तरह से पीने के पानी का इंतजाम कर रहे लोग

दैनिक भास्कर ने के विभिन्न वार्डों के साथ ही शहर से लगे कुछ गांव में शुरू हुए जल संकट की पड़ताल की, तब पता चला कि प्यास बूझाने के लिए लोगों को किस तरह मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है और रोजी-मजदूरी छोड़कर पानी के लिए मशक्कत कर रहे हैं।

सड़क किनारे लगा बोर सूख गया है
सड़क किनारे लगा बोर सूख गया है

नगर निगम में शामिल नगर पंचायत और ग्राम पंचायतों में है ज्यादा दिक्कत
सिरगिट्‌टी नगर पंचायत के साथ ही नगर पालिका तिफरा के साथ ग्राम पंचायत देवरीखुर्द, लिंगियाडीह, खमतराई, बहतराई, बिरकोना और कोनी सहित 17 गांव को नगर निगम में शामिल किया गया है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि नगर निगम में शामिल होने के बाद उनकी समस्या कम होने के बजाए बढ़ गई है। उनसे नगर निगम की ओर से संपत्ति टैक्स वसूल किया जा रहा है और बदले में मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। पहले नगर पंचायत और ग्राम पंचायत में गांव में काम दिखता था। लेकिन, नगर निगम में शामिल होने के बाद तीन साल में कोई काम नहीं दिख रहा है। बिजली, सड़क और अब पानी जैसी सुविधाओं के लिए उन्हें मोहताज होना पड़ रहा है।

साइकिल में बाल्टी लटकाकर पानी ले जाने के लिए मजबूर है ग्रामीण
साइकिल में बाल्टी लटकाकर पानी ले जाने के लिए मजबूर है ग्रामीण

नगर निगम के लोगों को ग्राम पंचायत का सहारा
सिरगिट्‌टी में नगर पंचायत को विलोपित कर नगर निगम में शामिल किया गया है। यहां वार्ड क्रमांक 10, 11 और 12 बनाया गया है। वॉटर लेबल डॉउन होने के साथ ही कई बोर फेल हो गए हैं। ऐसे में टेप नलों की धार कम हो गई है। जोन कमिश्नर और वार्ड पार्षद पानी की समस्या को दूर करने के लिए कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। वार्ड क्रमांक 12 फदहाखार में आने वाले करीब 50 से अधिक परिवार ग्राम पंचायत कोरमी के हैंडपंप पर निर्भर हैं और दो किलोमीटर दूर से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं।

चिलचिलाती धूप में सिर में पानी ढो रही महिला
चिलचिलाती धूप में सिर में पानी ढो रही महिला

नगर निगम से बेहतर है ग्राम पंचायत
निगम क्षेत्र से लगे ग्राम पंचायत कोरमी में पीने की पानी की किल्लत है। यहां कई हेंडपंप का जलस्तर नीचे चला गया है, तो कुछ खराब हो गए हैं। ग्रामीणों की शिकायतों पर अफसर और कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। बावजूद इसके गांव के लोगों को पानी मिल रहा है। भले ही उन्हें इसके लिए एक से डेढ़ किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। खास बात यह है हैंडपंप से नगर निगम में रहने वाले परिवार के लोग अपनी प्यास बुझा रहे हैं। उन्हें दो किलोमीटर दूर से इस गांव के बाहर लगे हैंडपंप से पानी लाना पड़ रहा है।

बाइक में डिब्बा लटका कर पानी के ले जाने के लिए मशक्कत करना पड़ रहा है
बाइक में डिब्बा लटका कर पानी के ले जाने के लिए मशक्कत करना पड़ रहा है

बच्चे से लेकर बुजुर्ग सहित सभी लोग लाते हैं पानी
इस क्षेत्र में पानी की समस्या इतनी विकराल हो गई है कि पानी भरने बच्चो से लेकर बुजुर्ग सहित सभी लोगों को पीने की पानी की चिंता रहती है। यही वजह है कि सुबह होते ही साइकिल, मोटरसाइकिल, रिक्शा और ठेले में बर्तन लेकर पानी के लिए मशक्कत करते नजर आते हैं।

लो प्रेशर के चलते है पानी की किल्लत, टैंकर से सप्लाई
नगर निगम के वार्ड क्रमांक 25, 26, 27 सहित कई वार्ड ऐसे हैं, जहां लो प्रेशर की समस्या है। 10 से 12 किलोमीटर तक लंबे पाइप लाइन की वजह से कई वार्ड में पानी का प्रेशर कम है। इसके चलते नलों में पानी की धार कम हो गई है। इन वार्डों में टैंकर के माध्यम से पानी की सप्लाई की जा रही है।

साइकिल में पानी लेकर जा रही महिला
साइकिल में पानी लेकर जा रही महिला

वॉटर लेबल डाउन के चलते बोर हो गए हैं बंद
नगर निगम सीमा क्षेत्र में वॉटर लेबल 45 से 50 फीट नीचे हो गया है। इसके चलते वार्ड में लगे बोर बंद हो गए हैं और वार्ड में पानी की समस्या हो रही है। ऐसे में टैंकर से पानी सप्लाई की जा रही है। देवरीखुर्द, बहतराई जैसे वार्ड के लोग भी पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।

बोर में पंप लगा है। लेकिन, बोर फेल होने से पानी नहीं आ रहा है
बोर में पंप लगा है। लेकिन, बोर फेल होने से पानी नहीं आ रहा है

सहायक भू-जल विद बोले- वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर दी जाए ध्यान
सहायक भू-जल विद एसके पराते का कहना है कि जिले में वॉटर लेबल 45 से 50 फीट नीचे चला गया है। बिल्हा और तखतपुर ब्लॉक को सेमी क्रिटिकल ब्लॉक में रखा गया है, क्योंकि यहां भू-जल का 70 से 90 फीसद उपयोग किया जाता है। शहर और आसपास की स्थिति ज्यादा खराब है। बिल्हा शहरी क्षेत्र में आता है। यही वजह है कि यहां भू-जल का उपयोग बढ़ गया है। गिरते जल स्तर को बढ़ाने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देना चाहिए। नहीं तो यह समस्या और गंभीर होगी।

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