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तीन हफ्ते के लॉकडाउन के बाद:घटने लगी संक्रमण की दर, मृत्यु के आंकड़े अब भी डरावने

बिलासपुरएक महीने पहले
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कोरोना काल में शुक्रवार का दिन राहत भरा रहा। लगातार दूसरे दिन कोरोना के मरीज 1 हजार से कम मिले। गुरुवार को जहां 803 संक्रमित मिले थे तो शुक्रवार को यह संख्या और कम हुई तथा संक्रमित मरीज 605 ही मिले । डिस्चार्ज होने वाले मरीजों का आंकड़ा भी सुखद रहा तथा 1417 मरीज ठीक होकर अपने घर गए।

लेकिन मौतों का ग्राफ ज्यादा नीचे नहीं जा रहा। विभिन्न कोविड अस्पताल व सेंटर में भर्ती 44 मरीजों ने दम तोड़ दिया। वैक्सीनेशन का काम भी तेज नहीं हो पा रहा सिर्फ 2083 लोग ही वैक्सीन लगवाने पहुंचे।संक्रमित मरीजों की संख्या की बात करें तो अप्रैल में कुछ दिन जरुर 1000 के नीचे रहे थेे लेकिन उसके बाद 1000 से नीचे नहीं आ पाए। मई के छठवें दिन मरीजों की संख्या 1000 से नीचे पहुंची और गुरुवार को संख्या 803 रही। शुक्रवार को और राहत मिली तथा संक्रमित मरीजों की संख्या घटकर 605 पर पहुंच गई। इसे पुलिस द्वारा बरती जा रही सख्ती का परिणाम जो कि लॉकडाउन के कारण की जा रही है माना जा सकता है। संक्रमित होने वाले मरीजों कुल संख्या अब 58041 हो गई है। डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की संख्या भी दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को 1417 मरीज ठीक हुए वहीं बीते रोज भी 1341 मरीज ठीक हुए थे। मौतों का आंकड़ा अब भी कम नहीं हो रहा है। जिले के कोविड अस्पताल और सेंटरों में भर्ती 44 मरीजों ने दम तोड़ दिया। इससे अब मौतों की कुल संख्या 1305 हो गई है।

अप्रैल के कुछ दिन रहे राहत भरे
संक्रमित मरीज मिलने की बात करें तो अप्रैल महीना राहत भरा रहा था। अप्रैल में सबसे कम 224 मरीज 1 अप्रैल को मिले थे। 12 अप्रैल को 837 मरीज मिले जो 12 दिनों में सबसे अधिक आंकड़ा था । फिर यही से मरीजों की संख्या बढ़नी शुरु हुई। 14, 19 तथा 25 अप्रैल को छोड़ दिया जाए तो 13 अप्रैल से 30 अप्रैल तक रोज 1000 से ज्यादा मरीज सामने आए । 24 अप्रैल को सबसे ज्यादा 1424 मरीज जिले मेंं मिले थे।पुलिस की सख्ती से कम होंगे मरीज : भीड़-भाड़ वाली जगहों पर पुलिस की पैनी नजर है, चालानी कार्यवाही तथा बेवजह घूमने वालों पर भी पुलिस सख्ती बरत रही है। कोरोना से बचाने के लिए लोगों को समझाइश भी दी जा रही है जिससे वह इस महामारी से अपना बचाव करे।

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