गांव-गांव जाकर लोगों को कानूनी अधिकार बताएंगे वकील:विधिक सेवा प्रााधिकरण के साथ हाईकोर्ट बार एसोएसिएशन की पहल, स्कूल-कॉलेज भी जाएंगे

बिलासपुर5 महीने पहले
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कानूनी जागरूकता लाने हाईकोर्ट बार ऐसोसिएशन की पहल। - Dainik Bhaskar
कानूनी जागरूकता लाने हाईकोर्ट बार ऐसोसिएशन की पहल।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ मिलकर ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने का फैसला लिया है। इसके लिए वालंटियर्स के रूप में 200 से अधिक वकील तैयार किए जा रहे हैं। वकील गांव के साथ ही स्कूल और कॉलेजों में भी जाएंगे और उनके विधिक अधिकारों की जानकारी देंगे।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव अरविंद दुबे ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस गौतम भादुड़ी से मिलकर पदाधिकारियों ने इसके लिए पहल की थी। बताया गया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण प्रदेश के सभी जिलों में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। उनके साथ बार एसोएसिएशन के सदस्यों को भी शामिल किया जाए, तो यह व्यवस्था और भी बेहतर होगी। पदाधिकारियों ने बताया कि इस काम के लिए वकील व्यक्तिगत तौर पर रूचि ले रहे हैं और बिना किसी शुल्क के विधिक अधिकारों के लिए सेवा करने के लिए तैयार हैं।

अब तक 200 वकीलों ने कराया पंजीयन
बार के सचिव अरविंद दुबे ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ मिलकर कानूनी सहायता देने के लिए अब तक 200 वकीलों ने स्वेच्छा से अपना पंजीयन कराया है। जो विधिक अधिकारों के लिए जागरूकता लाने का काम करेंगे।

वकीलों को दी जाएगी अवेयरनेस ट्रेनिंग
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की पहल पर विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस गौतम भादुड़ी ने सहमति दे दी है। उनके मार्गदर्शन में शनिवार को वकीलों के लिए अवेयरनेस ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया है। शनिवार को पुराना हाईकोर्ट भवन स्थित विधिक सेवा प्राधिकरण के कांफ्रेस हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ जस्टिस गौतम भादुड़ी करेंगे। इस दौरान विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ ही विशेषज्ञों द्वारा वकीलों को ट्रेनिंग दी जाएगी।

ग्रीष्मकालीन अवकाश में गांव जाने की है योजना
बार एसोसिएशन के सचिव दुबे ने बताया कि कानूनी जागरूकता अभियान के तहत वकीलों के समूह ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान जून माह में गांव-गांव जाकर लोगों को कानूनी अधिकारों की जानकारी देंगे। इसके साथ ही उन्हें विधिक सहायता भी मुहैया कराएंगे। इस दौरान स्कूल और कॉलेज के बच्चों को भी उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

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