साइबर ठगी करने वाले 2 MP से गिरफ्तार:25 लाख की लॉटरी का झांसा देकर दिव्यांग से ठगे थे 4 लाख रुपए, जिस गांव से पकड़े गए वह बन रहा है मध्यप्रदेश का जामताड़ा

बिलासपुर3 महीने पहले
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पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी। - Dainik Bhaskar
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी।

25 की लॉटरी का झांसा देकर दिव्यांग से 1.8 साल में 4 लाख से अधिक रुपए ठगने वाले अंतर्राजीय गिरोह का भंडाफोड़ बिलासपुर पुलिस ने किया है। इस गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने मध्यप्रदेश के नौरा ग्राम से गिरफ्तार किया हैं। साथ ही पुलिस मामले में आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश कर रही है। खास बात यह है कि इस मामले में शिकायत दर्ज होने के बावजूद आरोपी पीड़ित से पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस आरोपियों से अभी भी पूछताछ कर रही है।

जानकारी के अनुसार, 23 अगस्त को हिर्री थाना क्षेत्र के ग्राम अमसेरा निवासी दिव्यांग सरजूदास मानिकपुरी(40) ने हिर्री थाने में अपने साथ हुई ठगी को लेकर FIR दर्ज करवाई थी। पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया था कि 25 लाख की लॉटरी का झांसा देकर पिछले 1.8 साल में 4.18 लाख की ठगी कर ली। पीड़ित ने बताया कि अभी भी उसे अलग अलग नंबर से कॉल आते है जिसमें उससे पैसे की डिमांड की जाती है। शिकायत के आधार पर जब पुलिस ने साइबर सेल की मदद से अपनी जांच शुरू की तब पता चला कि आरोपी मध्य प्रदेश के ग्राम नौरा के रहने वाले हैं। जानकारी हासिल होते ही पुलिस की एक टीम मध्यप्रदेश रवाना कर दी गई।
साइबर क्राइम में इंवॉल्व पूरा गांव

हिर्री पुलिस ने जब मामले में नौरा ग्राम के थाना टेहरका क्षेत्र में आरोपियों के बारे में जानकारी ली तब एमपी पुलिस ने उन्हें बताया कि यह पूरा गांव साइबर क्राइम में इंवॉल्व रहता है। गांव में पुलिस कर्मी जब आरोपियों को पकड़ने जाते है तब अक्सर गांव वाले हमला भी कर देते है। हालांकि टीम ने क्षेत्रीय पुलिस की मदद से आरोपियों की धार पकड़ शुरू कर दी। जिसमें दो आरोपी अंकुश और योगेंद्र पकड़े गए।
10 बैंक के 15 खातों से करोड़ों रुपए का हुआ ट्रांजेक्शन
पूछताछ में आरोपियों के पास 10 अलग अलग बैंक के 15 खातों का पता पुलिस को चला है। जिसमें पिछले 2 साल के भीतर केवल आरोपी अंकुश के 5 खातों में 1.21 करोड़ का लेनदेन किया गया। वहीं आरोपी योगेंद्र के 2 खातों से 8.5 लाख रुपए का लेन देन हुआ। जिसमें से 7 लाख रुपए सीज कर दिए गए है। आरोपियों ने बताया कि छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उड़ीसा, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में यह ठगी करते थे।

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