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सवालों में विकल्प होने से छात्र हुए परेशान:पढ़ने में लग गया ज्यादा समय, कटऑफ होगा प्रभावित

बिलासपुर7 दिन पहले
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  • फिजिक्स में 12वीं के ज्यादा व 11वीं के कम प्रश्न आए, बॉटनी के सर्वाधिक प्रश्न

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने रविवार को मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए नीट यूजी की परीक्षा ली। इस वर्ष बिलासपुर में 31 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इसमें 10 हजार 754 छात्रों को परीक्षा देनी थी। इसमें से 592 छात्र अनुपस्थित रहे। 10 हजार 162 छात्रों ने परीक्षा दी।

परीक्षा देकर निकले छात्रों ने बताया कि कुल 180 सवाल हल करने थे, जिसके लिए 200 सवालों के विकल्प दिए गए थे। समय में उतना ही मिला था। सभी सवालों पढ़ने में समय लगा। विशेषज्ञें ने कहा कि इस बार सवालों में विकल्प दिए गए थे, इसके कारण उन प्रश्नों को पढ़कर हल करने का निर्णय लेने में छात्रों का ज्यादा समय बर्बाद हुआ। इसका प्रभाव कटऑफ पर पड़ेगा और यह इस बार कम रह सकती है। 2020 का पेपर आसान था इसलिए 720 में से 720 बच्चों ने स्कोर किया था। विशेषज्ञों ने बताया कि पिछले दो साल की अपेक्षा फिजिक्स के प्रश्न कठिन आए थे। प्रश्न एनसीईआरटी के किताबों से ही थे। फिजिक्स में 12वी कक्षा से 50 प्रतिशत से ज्यादा व 11वी से 50 प्रतिशत कम सवाल पूछे गए थे। इसमें न्यूमेरिकल सवाल ज्यादा थे। इसलिए छात्रों पेपर लंबा लगा।

रिजल्ट की तारीख की घोषणा अभी नहीं
इस एग्जाम के जरिए देशभर के 542 मेडिकल, 313 डेंटल, 15 एम्स, 2 जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, 914 आयुष, और 47 बीवीएससी और एएच कॉलेज में एमबीबीएस, बीएएमएस व बीएसएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस सहित विभिन्न कोर्स में प्रवेश ले सकेंगे। फिलहाल एनटीए ने आंसर-की व रिजल्ट तारीखों की घोषणा नहीं की गई है।

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