भास्कर एक्सक्लूसिव:शिक्षा में मजाक, जिन कॉलेजों को मान्यता दी उनका नाम तक नहीं पता एयू को, अटकीं 2.14 लाख मार्कशीट

बिलासपुर4 महीने पहलेलेखक: रामप्रताप सिंह
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  • अकादमी विभाग के पास जानकारी अधूरी, अधिकारी छात्रों की मार्कशीट छपवाने की जगह एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे

अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी ने जिन कॉलेजों को मान्यता दी उनका ही नाम यूनिवर्सिटी को पता नहीं है। इस कारण छात्रों के भविष्य पर अंधकार का साया मंडरा रहा है। मामला यह है कि 2.14 लाख छात्र मार्कशीट का इंतजार कर रहे हैं लेकिन यूनिवर्सिटी उन्हें पढ़ाई का प्रमाण नहीं दे पा रही है। यह ऐसी यूनिवर्सिटी है, जो कॉलेजों को संबद्धता दे रही है, सीटें बढ़ा रही, हर दिन नए विषय खोल रही है, कमेटी निरीक्षण कर रही है, पर इसके बाद कॉलेजों के हिंदी और अंग्रेजी में नाम तक नहीं है।

अब यूनिवर्सिटी के अकादमी और परीक्षा विभाग की गलती का खामियाजा छात्र भुगत रहे हैं। क्योंकि एयू के अकादमी विभाग के पास कॉलेजों के नाम नहीं है। एयू के पास कॉलेजों के सही नाम नहीं होने के कारण छात्रों की मार्कशीट छपने का टेंडर तक एयू अभी नहीं कर पाई है। जबकि यूनिवर्सिटी की मुख्य परीक्षा 25 मई से शुरू हुई थी। 28 जून को 2 लाख 14 हजार 577 छात्रों की परीक्षा खत्म हो गई थी। यूनिवर्सिटी ने प्रदेश में सबसे पहले रिजल्ट जारी करने का श्रेय भी लिया। अब इसके बाद से छात्र मार्कशीट के लिए एयू का चक्कर लगा रहे हैं।

नाम गलत होने से कॉलेजों ने वापस कर दी थी मार्कशीट
अटल यूनिवर्सिटी ने पिछले सत्र में छात्रों की मार्कशीट छपवाई थी। इसमें सीएमडी कॉलेज, डीपी विप्र बीएड कॉलेज सहित अन्य कॉलेजों की मार्कशीट पर कॉलेज का नाम गलत हो गया था। कॉलेजों ने छात्रों की मार्कशीट यूनिवर्सिटी को वापस कर दी थी। यूनिवर्सिटी ने फिर से मार्कशीट छपवा कर कॉलेजों को दी थी।

एयू छात्रों से लेती है मार्कशीट का 50 रुपए, अभी तक टेंडर नहीं
अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी छात्रों से मार्कशीट का 50 रुपए लेती है। हर साल लगभग 2 लाख छात्रों से यूनिवर्सिटी 1 करोड़ रुपए मार्कशीट के नाम पर वसूलती है। पहले यूनिवर्सिटी 5 रुपए प्रति मार्कशीट छपवाती थी। इसमें यूनिवर्सिटी हर साल लगभग 10 लाख रुपए खर्च करती थी। सत्र 2020 में यूनिवर्सिटी नॉन टीरेवल मार्कशीट छपवाना शुरू की है। इसका खर्च 40 रुपए प्रति मार्कशीट आ रहा है। यूनिवर्सिटी के अनुसार ये मार्कशीट फटती नहीं है। भिगने पर भी इस पर कोई असर नहीं होगा। अब ऐसे में यूनिवर्सिटी इस सत्र के 2 लाख 14 हजार 655 छात्रों की मार्कशीट पर 85 लाख 83 हजार 80 रुपए खर्च करेगी। पर विभाग के विवाद के कारण अभी तक यूनिवर्सिटी मार्कशीट का टेंडर तक नहीं कर पाई है। छात्र परेशान हैं।

आज कॉलेजों को नोटिस जारी कर मंगाए हैं अंग्रेजी में नाम
अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. सुधीर शर्मा ने कहा कि मार्कशीट में कॉलेजों का अंग्रेजी में नाम रहता है। पिछले सत्रों में कुछ कॉलेजों के नाम गलत हो गए थे। परीक्षा विभाग ने इस बात की देर से जानकारी दी है। आज सभी कॉलेजों को नोटिस जारी कर दो दिन के अंदर अंग्रेजी नाम भेजने कहा गया है। जल्द ही मार्कशीट छपकर आ जाएगी।

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