शिक्षक पात्रता परीक्षा:कहां राजा- भोज कहां गंगू तेली का अर्थ क्या है छत्तीसगढ़ में किस जगह पर स्थित है गज किला

बिलासपुर6 दिन पहले
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सीएमडी कॉलेज में बनाए गए परीक्षा केंद्र से परीक्षा देकर निकलते परीक्षार्थी। - Dainik Bhaskar
सीएमडी कॉलेज में बनाए गए परीक्षा केंद्र से परीक्षा देकर निकलते परीक्षार्थी।

शिक्षक पात्रता परीक्षा रविवार को दो पाली में हुई। इस बार छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण व्यवसायिक परीक्षा मंडल ने परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ा दी थी। प्रथम पाली की परीक्षा 132 और द्वितीय पाली की परीक्षा 116 केंद्रों में हुई। प्रथम पाली में 42 हजार 174 छात्रों को परीक्षा देनी थी, पर 25 हजार 513 परीक्षा देने पहंुचे। 13 हजार 601 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली में 38 हजार 957 में से 25 हजार 892 परीक्षार्थी परीक्षा देने पहंुचे। 13 हजार 65 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। प्रथम पाली की परीक्षा में हिंदी में पूछा कि कहां राजा भोज कहां गंगू तेली का अर्थ।

इसका आप्शन धनवान होना, असंभव होना, उच्च और साधारण की तुलना, गुण के विरुद्ध नाम दिया गया था। इसके अलावा पूछा गया था कि बेफिक्री के लिए किस मुहावरे का प्रयोग किया जा सकता है। इसका ऑप्शन गिन-गिन कर पैर रखना, कछुआ चाल, घोड़े बेचकर सोना, नाक कटाना था। ये भी प्रश्न पूछा गया था कि प्राथमिक स्तर पर भाषा सीखने में भाषा संबंधी कौन सा संसाधन सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता है? इसका आप्शन कंप्यूटर, बाल साहित्य, समाचार पत्र, टेलीविजन था।

भाषा सीखने का प्रथम चरण है? आप्शन बोलना, लिखना, पढ़ना और सुनना था। हिंदी व्याकरण मे कितनी प्रकार के लिंग होते हैं? इसका आप्शन चार, तीन, एक और दो थे। परीक्षा देकर निकले छात्रों ने बताया कि 9.30 बजे से पेपर शुरू होना था। लेकिन 15 मिनट बाद शुरू हुआ, इस कारण कुछ परेशानी हुई।

दूसरे पेपर में इस तरह के प्रश्न पूछे गए थे
गज किला छत्तीसगढ़ में कहां स्थित है? इसका आप्शन जशपुर, बस्तर, रतनपुर, मैनपाट था। चिंरापगार जलप्रपात कहां स्थित हे? सेमरसोत अभयारण्य कहां स्थित है? भारत का सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य है? लोक गीत लेजा छत्तीसगढ़ के मुख्यत: कौन से आदिवासी बहुल क्षेत्रों में गाया जाता है? ओजोन की पर्त वायुमंडल में किस स्तर पर पाई जाती है? भारत का पहला परमाणु ऊर्जा संयत्र कहां है? किस साहित्यकार को छत्तीसगढ़ के विद्यासागर की संज्ञा दी जाती है? इसका आप्शन हरि ठाकुर, नंदकिशोर तिवारी, पं. रामदयाल तिवारी, पं. लोचन प्रसाद पाण्डेय था।

शिक्षाशास्त्र और अंग्रेजी के प्रश्न कठिन लगे
बाल विकास में एक जैसे ही ऑप्शन थे। साइंस में शिक्षा शास्त्र और अंग्रेजी के प्रश्न कठिन थे। सोशल स्टडीज में इतिहास के प्रश्न कठिन थे। सामान्य तौर पर पढ़े होने के कारण कई सवाल समझ में नहीं आए।

तैयारी के लिए कम समय मिला, पेपर कठिन था
बीएड में सभी विषय पढ़ चुके हैं, लेकिन रिवीजन करने के लिए समय कम मिला। 10 तारीख तक फार्म लिए और 18 को परीक्षा की तारीख घोषित हो गई। इसके कारण पेपर कठिन लगा। साथ ही समय मैनेज नहीं कर पाए। -सुनील कुमार टेकाम

अधिसूचना के एक माह के भीतर ले ली गई परीक्षा
नोटिफिकेशन जारी होने के बाद एक माह के भीतर परीक्षा ले ली गई, यह विश्वास नहीं हो रहा है। हालांकि होना यह था कि एक माह पहले सूचना देकर फिर नोटिफिकेशन और परीक्षा लेना था। इससे तैयारी का समय मिलता। एक समस्या यह भी थी कि नेट और टीईटी की परीक्षा के तारीख में बहुत कम अंतराल रहा। इसके कारण भी समस्या रही। -किशन कुमार

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