छिपाए जा रहे कोरोना से मौत के आंकड़े!:बिलासपुर में दोपहर में हुई थी कोविड मरीज की मौत, हेल्थ डिपार्टमेंट बोला- जानकारी नहीं

बिलासपुर18 दिन पहले

बिलासपुर में कोरोना से मौत के आंकड़ों को छिपाने की कोशिशें शुरू हो गई है। शुक्रवार दोपहर एक कोविड मरीज की मौत हो गई, लेकिन रात तक स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को इसकी जानकारी ही नहीं थी। विभाग के PRO ने कहा कि उन्हें अपोलो अस्पताल प्रबंधन ने कोरोना से मौत की सूचना ही नहीं दी है।

कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की एंट्री के साथ ही तीसरी लहर शुरू हो गई है। लगातार तेजी से फैल रहे संक्रमण के आंकड़े बता रहे हैं कि हालात बेकाबू हैं। स्थिति बिगड़ने से पहले ही राज्य शासन ने स्वास्थ्य महकमे को अलर्ट कर दिया है। इसके साथ ही जिला, ब्लॉक से लेकर मैदानी स्तर पर अफसरों को जिम्मेदारियां दी गई हैं।

बिलासपुर में जिला प्रशासन की पूरी तैयारी सिर्फ कागजों तक सीमित है। कोरोना को लेकर अफसर कितने अलर्ट हैं, यह शुक्रवार को उस समय देखने को मिला, जब अपोलो अस्पताल में एक कोविड मरीज की मौत हो गई। दैनिक भास्कर ने दोपहर में ही इस खबर की पुष्टि कर खबर भी प्रकाशित कर दिया था। इसके बाद स्वास्थ्य महकमा कोरोना से मौत की खबर की पुष्टि करने के बजाए खंडन करते रहा और देर रात तक कोरोना से मौत के मामले को दबाने का प्रयास में जुटे रहे। स्वास्थ्य विभाग के PRO का कहना है कि उन्हें रात 9 बजे तक अपोलो अस्पताल से कोरोना मरीज की मौत की सूचना नहीं दी गई है। इस संबंध में अपोलो अस्पताल को नोटिस जारी कर जानकारी ली जाएगी।

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10 दिन से अपोलो अस्पताल में थे भर्ती
चकरभाठा क्षेत्र के परसदा निवासी नीलकमल कौशिक (50) पेशे से किसान थे। करीब 10 दिन पहले उनकी तबीयत खराब हुई। तब उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। कोरोना के लक्षण दिखने पर उन्हें भर्ती कराया गया और इलाज शुरू किया गया, लेकिन इंफेक्शन फेफड़े तक पहुंच गया था। इसके चलते उनकी हालत बिगड़ती गई। शक्रवार दोपहर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

अपोलो अस्पताल में बना है 6 लाख रुपए का बिल
नीलकमल के परिजनों ने बताया कि अपोलो अस्पताल में उनके इलाज के दौरान 6 लाख रुपए का बिल बना है। इसमें से कुछ राशि उन्होंने पहले ही जमा करा दी थी। शुक्रवार को बकाया राशि जमा करने के बाद ही उन्हें शव लेकर जाने दिया गया। गांव में उनकी अंत्येष्टि कोरोना गाइडलाइन के अनुसार ही की गई।

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