संत कालीचरण की जमानत सुनवाई:वकील बोले आरोप तय हुए बिना जेल में रखना गलत, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को भेजा नोटिस, केस डायरी मांगी

बिलासपुर7 महीने पहले
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संत कालीचरण की जमानत पर हाईकोर्ट ने केस डायरी तलब किया है। - Dainik Bhaskar
संत कालीचरण की जमानत पर हाईकोर्ट ने केस डायरी तलब किया है।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को गाली देने वाले कथित संत कालीचरण की जमानत अर्जी पर गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान उनके वकील ने कहा कि अभी आरोप तय नहीं हुआ है। फिर भी उन्हें जेल में रखा गया है। प्रकरण में राजद्रोह का केस भी गलत तरीके से दर्ज किया गया है। जस्टिस पीपी साहू ने इस मामले में राज्य शासन से जवाब तलब करते हुए केस डायरी प्रस्तुत करने को कहा है।

रायपुर की अदालत ने कालीचरण को 25 जनवरी तक रायपुर जेल में रहने का आदेश दिया है। लोअर कोर्ट से जमानत नहीं मिलने पर उनके वकीलों ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। गुरुवार को उनकी याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान उनके वकील मेहल जेठानी ने कहा कि कालीचरण के खिलाफ गलत तरीके से केस दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ राजद्रोह की धाराएं भी बाद में लगाई गई है। राजद्रोह का केस दर्ज करने के लिए शासन से अनुमति लेना जरूरी है। या फिर सीधे तौर पर शासन FIR दर्ज करा सकती है। जस्टिस पीपी साहू की बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही प्रकरण की केस डायरी प्रस्तुत करने को कहा है।

अब जेल में रखने का नहीं है कोई औचित्य
वकीलों ने कालीचरण को अब जेल में रखने के औचित्य पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कालीचरण ने जो भी बोला है। उसका वीडियो वायरल है और गवाह या फिर सबूतों को प्रभावित करने का सवाल ही नहीं है। इस स्थिति में सिर्फ पुलिस के कहने पर उन्हें जेल में रखना अवैध है। जब तक उन पर राजद्रोह सिद्ध नहीं हो जाता। तब तक उन्हें जमानत दी जाए।

गलत ढंग से हुई गिरफ्तारी
कालीचरण के वकील ने उनकी गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाया है। दूसरे राज्य में जाकर गिरफ्तार करने से पहले पुलिस को मजिस्ट्रेट से अनुमति लेनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया है।

महाराष्ट्र के पुणे में भी दर्ज है केस
महात्मा गांधी को गाली देने के मामले में संत कालीचरण के खिलाफ महाराष्ट्र के पुणे, वर्धा और अकोला में भी केस दर्ज हैं। रायपुर पुलिस ने कालीचरण को मध्यप्रदेश के खजुराहो से गिरफ्तार किया था। इसके बाद 12 जनवरी को महाराष्ट्र पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेने पहुंची थी। कोर्ट से अनुमति मिलने पर कालीचरण को पुणे ले जाया गया था। जहां से उसे रायपुर वापस लाया जा चुका है।

इस वजह से जेल में हैं कालीचरण
अकोला महाराष्ट्र के रहने वाले कालीचरण ने 26 दिसंबर को रायपुर की धर्म संसद में कहा था- 1947 में मोहनदास करमचंद गांधी ने उस वक्त देश का सत्यानाश किया। नमस्कार है नाथूराम गोडसे को, जिन्होंने उन्हें मार दिया। इसके बाद ये वीडियो वायरल हुआ। 26 दिसंबर की ही रात थाने में कालीचरण के खिलाफ केस दर्ज कर मध्यप्रदेश के छतरपुर से गिरफ्तार किया गया।

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