बिलासपुर में स्कूल पर गिरी बिजली, छात्र की मौत:बारिश के चलते हॉल में थे स्टूडेंट, अचानक कड़की बिजली खिड़की से अंदर पहुंची, 10 झुलसे; CM ने जताया दुख

बिलासपुर3 महीने पहले
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बच्चे की लाश देखकर उसके परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। - Dainik Bhaskar
बच्चे की लाश देखकर उसके परिजन फूट-फूटकर रोने लगे।

बिलासपुर में स्कूल में आकाशीय बिजली गिरने से 6वीं कक्षा के छात्र की मौत हो गई। वहीं 10 छात्र झुलसे हैं, जिसमें 3 की हालत गंभीर है। घायल बच्चों को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया गया कि दोपहर के वक्त सभी बच्चे स्कूल के बाहर लंच कर रहे थे कि बारिश शुरू हो गई। बच्चे हॉल के अंदर चले गए, लेकिन अचानक से कड़की बिजली खिड़की से अंदर तक पहुंच गई। इसकी चपेट में 11 छात्र आ गए। हादसे में एक बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मामला सीपत थाना क्षेत्र का है।

घटना के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छात्र की मौत पर दुख जताया है और दुख प्रकट करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। वहीं घायल बच्चों के बेहतर इलाज के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया है।

शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।

सभी बच्चे रोज की तरह मचखंडा स्थित अयूब खान माध्यमिक स्कूल में पढ़ने के लिए गए थे। दोपहर डेढ़ बजे सभी स्टूडेंट्स लंच करने के लिए बाहर बैठे थे। अचानक बारिश शुरू हो गई। बारिश इतनी तेज थी कि बच्चे अंदर हॉल की तरफ चले गए। छात्र खिड़की के आसपास ही बैठे थे। उसी दौरान काफी तेज बिजली कड़की और खिड़की से अंदर घुसी। उसी कड़कती बिजली की चपेट में 11 साल का शिवम और अन्य 10 बच्चे आ गए। शिवम की मौके पर ही मौत हो गई थी।

बच्चों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
बच्चों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।

हादसे के बाद आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर बच्चों को सिम्स अस्पताल ले जाया गया है। बच्चों का उपचार किया जा रहा है। परिजनों को भी इस बात की सूचना दी गई। शिवम के माता पिता ये खबर सुनते ही रोने लगे, पूरे परिवार में मातम पसर गया है। स्कूल के दूसरे बच्चों को भी घर भेज दिया गया।

मृत छात्र के परिजनों को चार लाख की सहायता
सीपत के मचखंडा में एक निजी स्कूल में आकाशीय बिजली गिरने से छठवीं कक्षा के 11 वर्षीय छात्र की मृत्यु हो जाने पर कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने आरबीसी 64 के तहत त्वरित प्रकरण तैयार कर सहायता दिए जाने का निर्देश दिया है। जिस के अंतर्गत बालक के परिजनों को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी। सीपत तहसीलदार तुलसी राठौर ने बताया कि घायल छात्रों का सिम्स में इलाज किया जा रहा है। पुलिस द्वारा इस घटना पर मर्ग कायम किया गया है।

घायल बच्चे का इलाज अस्पताल में किया जा रहा है।
घायल बच्चे का इलाज अस्पताल में किया जा रहा है।

क्यों गिरती है बिजली?

आकाशीय बिजली इलेक्ट्रिकल डिस्चार्ज है। ऐसा तब होता है, जब बादल में मौजूद हल्के कण ऊपर चले जाते हैं और पॉजिटिव चार्ज हो जाते हैं। भारी कण नीचे जमा होते हैं और निगेटिव चार्ज हो जाते हैं। जब पॉजिटिव और निगेटिव चार्ज अधिक हो जाता है तब उस क्षेत्र में इलेक्ट्रिक डिस्चार्ज होता है। अधिकतर बिजली बादल में बनती है और वहीं खत्म हो जाती है, लेकिन कई बार यह धरती पर भी गिरती है। आकाशीय बिजली में लाखों वोल्ट की ऊर्जा होती है। बिजली में अत्यधिक गर्मी के चलते तेज गरज होती है। बिजली आसमान से धरती पर 3 लाख किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गिरती है।

विधायक सिम्स पहुंचे, बच्चों और परिजनों से मिले।
विधायक सिम्स पहुंचे, बच्चों और परिजनों से मिले।

सिम्स में भर्ती बच्चों से मिलने नगर विधायक शैलेष पांडेय पहुंचे। उन्होंने सिम्स प्रबंधन को बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए। परिजनों से भी मुलाकात की। मौके पर मौजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जिला प्रशासन के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी एसके प्रसाद, सिम्स अधीक्षक पुनीत भारद्वाज अन्य लोग मौजूद थे। इसके बाद मस्तूरी विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी भी पहुंचे। डॉक्टरों से चर्चा की।

इन बच्चों का चल रहा है इलाज

  • चेतन यादव पिता सीताराम प्रसाद यादव 11 वर्ष कक्षा 6वीं
  • अंजली मरावी पिता मानसिंह मरावी 17 वर्ष कक्षा 12वीं
  • रचना गंधर्व पिता संपतलाल गंधर्व 11 वर्ष कक्षा 6वीं
  • सायरा बानो पिता सफदर अली 11 वर्ष कक्षा 6वीं
  • सोमराज पिता चंद्रपाल 11 वर्ष कक्षा 6वीं
  • प्रदीप यादव पिता दिलेश्वर यादव 14 वर्ष कक्षा 9 वीं
  • मिथलेश केवट पिता सुरेश केवट 12 वर्ष कक्षा 7 वीं
  • भूपेंद्र साहू पिता दिनेश साहू 16 वर्ष कक्षा 10वीं
  • आलिया पिता गुलजार अली 11 वर्ष कक्षा 6वीं।

बिजली करेंट से शिवम के पिता की हुई थी मौत
शिवम के पिता स्वर्गीय शेषनारायण का 2011 में निधन हो गया था। बारिश के दौरान बिजली करेंट लगने से शिवम के पिता की मृत्यु हुई थी। शिवम तीन भाई-बहन थे। बड़ा भाई संजू साहू भी इसी स्कूल में कक्षा 11वीं में पढ़ता है। बहन का नाम नीता साहू है। अब दोनों भाई-बहन शिवम के जाने के दर्द से जूझ रहे हैं।

एक बच्चे की थम गई थीं सांसें, डॉक्टरों ने बचा लिया
इधर सिम्स में अधीक्षक डॉक्टर पुनीत भारद्वाज, शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश नहरेल, डॉ. एसके नायक, डॉ. प्रशांत निगम सहित सभी एक्सपर्ट मौजूद थे। बच्चों का तत्काल इलाज शुरू किया। 14 वर्षीय कक्षा 9वीं के छात्र प्रदीप यादव की सांसें बंद हो गई थीं। वेंटिलेटर और विशेषज्ञ डॉक्टरों ने इलाज कर उसकी सांसें वापस लौटा दीं। एक बच्चा 30 से 40 प्रतिशत झुलस गया है। कुछ बच्चों के हाथ में करेंट का असर हुआ है। फिलहाल इनकी हालत ठीक है।

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