डिपो में बसें कबाड़ हो चुकी है:सिटी बस के मेंटेनेंस के लिए एक कराेड़ से अधिक की राशि लगेगी

बिलासपुरएक महीने पहले
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सिटी बस का संचालन बंद हुए डेढ़ साल हो चुका है और इस दरम्यान सिटी बस डिपो में बसें कबाड़ हो चुकी है जो बसें ठीक-ठाक हैं उसके मेंटेनेंस के लिए एक करोड़ से अधिक की राशि लगेगी। वह भी तब संभव है जब सरकार से मेंटेनेंस राशि मिलेगी।

प्रपोजल भेजा गया है लेकिन अब तक अप्रूवल नहीं मिला है। कोरोना संक्रमण की पहली लहर की शुरूआत के दौरान 23 मार्च 2020 को सिटी बस का संचालन आखिरी बार हुआ था इसके बाद एक दिन बीच में सिटी बस चली लेकिन उस दौरान यात्री नहीं होने की स्थिति में बसों को खड़ा करना पड़ा। धीरे-धीरे अब डेढ़ साल बीत चुका है। प्राइवेट बसें शुरू हो चुकी है लेकिन सिटी बस का संचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया।

30 से 35 बसें ही मेंटेनेंस के लायक
डेढ़ साल की लंबी अवधि के दौरान डिपो में खड़ी बसों में 30 से 35 बसें ही मेंटेनेंस के लायक है शेष बसें मेंटनेंस के लायक भी नहीं है। इन बसों के मेंटेनेंस में भी लंबी राशि खर्च होनी है। बिलासपुर शहरी सार्वजनिक यातायात सोसायटी के सचिव व आयुक्त अजय त्रिपाठी के अनुसार 1 करोड़ 10 लाख रुपए का प्रपोजल सरकार के पास भेजा गया है। सरकार से राशि मंजूर होने के बाद ही बसों का संचालन शुरू हो पाएगा।

यह आ रही है दिक्कतें
वर्तमान में दुर्गांबा कंपनी सिटी बस का संचालन कर रही थी लेकिन कंपनी के मालिक की मौत के बाद कंपनी ने भी आगे सिटी बस चलाने में असमर्थता व्यक्त कर दी है। सिटी बस संचालन के लिए सोसायटी के बने नियमों से भी संचालन के लिए तकनीकी दिक्कतें आ रही है। इन सारे बिंदुओं पर चर्चा के लिए जिला प्रशासन की बैठक भी अब तक नहीं हो पाई है। जिले में 12 रूटों पर 50 सिटी बसें संचालित थी जिनसे रोजाना 8 हजार लोग किफायती किराया शुल्क पर सफर करते थे।

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