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JCCJ कार्यकर्ताओं ने किया SECL का घेराव:MLA धर्मजीत ने कहा- छत्तीसगढ़ के निजी उद्योगों को नहीं मिल रहा कोयला, बेरोजगार हो रहे लोग

बिलासपुरएक महीने पहले
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प्रदर्शन के दौरान विधायक धर्मजीत सिंह व समर्थक - Dainik Bhaskar
प्रदर्शन के दौरान विधायक धर्मजीत सिंह व समर्थक

बिलासपुर में जनता कांग्रेस के नेता और लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बुधवार को SECL मुख्यालय का घेराव किया। उनका कहना था कि राज्य के निजी उद्योगों को कोयले की आपूर्ति नहीं की जा रही है। इसके चलते प्रदेश के लोग बेरोजगार हो गए हैं। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने SECL के सीएमडी से मुलाकात कर उन्हें मांगपत्र भी सौंपा। मांग पूरी नहीं होने पर विधायक व समर्थकों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

विधायक धर्मजीत सिंह ने केंद्र सरकार और SECL प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक तो प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है, दूसरी तरफ SECL खदानों में भर्ती के लिए निकलने वाली वैकेंसी भी पूरी नहीं कर रही है। जिन क्षेत्रों में कोयला उत्पादन किया जा रहा है और खदानें खोली जा रही है वहां के लोगों का जमीन अधिग्रहण करने के बाद भी मुवावजा की राशि नहीं दिया गया है। नियमतः भूस्वामी के परिवार के एक सदस्य को अधिग्रहण के बाद नौकरी देना है। SECL में नियमों का पालन नहीं हो रहा है।

SECLके सीएमडी को ज्ञापन सौंपते जनता के नेता व पदाधिकारी
SECLके सीएमडी को ज्ञापन सौंपते जनता के नेता व पदाधिकारी

लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि पिछले दिनों केंद्रीय कोयला मंत्री कोरबा के खदानों का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि कोयले की कमी नहीं है। अगर कोयले की कमी नहीं है तो फिर छोटे उद्योगों को कोयला क्यों नहीं दिया जा रहा है। कोयला नहीं मिलने की वजह से छोटे उद्योग बंद होने के कगार पर पहुंच हैं। ऐसे में बेरोजगारी बढ़ेगी और प्रदेश की जनता के सामने भूखे मरने की नौबत आ जाएगी।

धर्मजीत बोले यहां के उद्योगों को कोयला देना होगा
लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि देश में कोयले की कमी होने की बात सामने आई थी। इसके बाद SECL ने छत्तीसगढ़ के छोटे उद्योगों में कोयले की आपूर्ति बंद कर दी है। इससे उद्योग बंद होने की स्थिति में है। यह गलत है। जिस राज्य से कोयला उत्पादन हो रहा है। वहां के उद्योगों को कोयला सप्लाई क्यों नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्थापन नीति का पालन SECL द्वारा नहीं किया जा रहा है।

केंद्र सरकार की गाइडलाइन है कि जिन क्षेत्रों में कोयला खदान खोला गया है वहां के जमीन मालिकों को व्यवस्थापन नीति के तहत उनके जमीन का पैसा और परिवार के सदस्य को नौकरी इसके अलावा व्यवस्थापित के परिवार को जमीन खरीद कर देना होता है, लेकिन SECLव्यवस्थापन नीति का पालन नहीं कर रहा है। इस वजह से जहां छत्तीसगढ़ की जनता की जमीन उनके हाथ से चली जा रही है वहीं नौकरी नहीं मिलने की वजह से बेरोजगारी भी बढ़ रही है।

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