बिलासपुर बन सकता है B ग्रेड सिटी:विधायक बोले- भाजपा नहीं चाहती थी शहर का हो विकास, केंद्र ने कहा- जनगणना रिपोर्ट के बाद करेंगे घोषणा

बिलासपुर5 महीने पहले
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शहर विधायक ने कहा बिलासपुर को ब्री-ग्रेड सिटी का दर्जा मिलने से होगा विकास। - Dainik Bhaskar
शहर विधायक ने कहा बिलासपुर को ब्री-ग्रेड सिटी का दर्जा मिलने से होगा विकास।

बिलासपुर विधायक शैलेष पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार ने नगर निगम सीमा विस्तारीकरण परिसीमन रिपोर्ट और बी ग्रेड सिटी बनाने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। इसके लिए उन्होंने CM भूपेश बघेल, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया के साथ ही विभागीय सचिव अलरमेलमंगई डी से चर्चा की है। उन्होंने कहा कि दरअसल, भाजपा ही नहीं चाहती थी कि बिलासपुर को बी ग्रेड सिटी का दर्जा मिले और शहर का विकास हो। विधायक शैलेष पांडेय ने बयान जारी कर कहा कि बिलासपुर में संचालित केंद्र व राज्य शासन के कई उपक्रमों की गिनती लाभ देने के लिए देश में अग्रणी स्थान पर है। इसमें जिला मुख्यालय में गुरु घासीदास केंद्रीय विवि जैसे उच्च शिक्षण संस्थान के साथ ही SECL मुख्यालय और NTPC जैसे बिजली उत्पादन इकाई संचालित है। इसके साथ ही बिलासपुर के नाम कई उपलब्धियां रही हैं।

सबसे कमाऊ रेलवे जोन, ऊर्जा का बड़ा स्रोत SECL, NTPC, सहित उच्च शिक्षा के लिए गुरू घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय भी है। अब बिलासपुर हवाई सुविधा से सीधे जुड़ गया है। विधायक पांडेय ने कहा कि शहर को बी ग्रेड सिटी का दर्जा मिले इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया एवं विभागीय सचिव अलरमेलमंगई डी से लगातार संपर्क में रहे, उन्होंने केंद्र सरकार से बात की।

वहां से जानकारी मिलने के बाद कहा गया कि अभी सेंसेक्स के द्वारा जनगणना चल रही है। जनगणना की रिपोर्ट आने के बाद बिलासपुर को बी ग्रेड सिटी बनाने की अधिसूचना जारी की जाएगी।
नगर विधायक ने कहा कि बिलासपुर शहर छत्तीसगढ़ राज्य का दूसरा बड़ा शहर है और यह प्रदेश की न्यायधानी है। नगर निगम विस्तारीकरण से आसपास के 15 गांवों सहित नगर पालिका एवं नगर पंचायत को नगर निगम सीमा क्षेत्र में शामिल किया गया। ताकि गांव का भी विकास शहर के रूप में हो सके।
उन्होंने आरोप लगाया है कि भाजपा कभी नहीं चाहती थी कि बिलासपुर बी ग्रेड सिटी बने। भाजपा नेताओं के द्वारा नगर निगम सीमा विस्तारीकरण एवं बिलासपुर को बी ग्रेड सिटी का दर्जा मिलने को लेकर लगातार विरोध किया गया। लेकिन हमने लोगों से किया वादा निभाया और बिलासपुर को बी ग्रेड सिटी का दर्जा मिले इसके लिए विधानसभा तक आवाज उठाई और केंद्र सरकार तक बात पहुंचाई।
उन्होंने कहा कि बिलासपुर नगर निगम की सीमा 2019 के पहले कम थी। लेकिन वर्ष 2019 में सीमा क्षेत्र का विस्तार किया गया है और अब बिलासपुर नगर निगम की आबादी सात लाख से अधिक हो गई है। हमने राज्य शासन के द्वारा बी ग्रेड दर्जा देने की सारी प्रक्रिया पूर्ण कर केंद्र सरकार को भेजा है।
बाधा डालने किया था कलेक्टोरेट का घेराव
कलेक्ट्रेट का घेराव कर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, विधायक कृष्णमूर्ति बांधी, रजनीश सिंह, पूर्व महापौर किशोर राय ने लगातार विरोध प्रदर्शन किया और कलेक्टोरेट का भी घेराव किया था। उन्होंने कहा था कि हमारे विधानसभा इलाके को नगर निगम सीमा क्षेत्र में नहीं आना है। लेकिन इनके विरोध के बाद भी बिलासपुर को बी ग्रेड सिटी बनाने के लिए नगर निगम की सीमा का विस्तारीकरण करना जरूरी था।

अधिकारी-कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, विकास के लिए भी मिलेगा फंड
वर्तमान में बिलासपुर C ग्रेड सिटी में है। विधायक पांडेय ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इसे B ग्रेड में लाने का वादा किया था। यही वजह है कि उनकी पहल पर नगर निगम का परिसीमन हुआ और नगर निगम का दायरा बढ़ाया गया। ताकि, शहर को B ग्रेड सिटी में लाया जा सके। B ग्रेड सिटी होने के बाद शहर विकास के लिए मिलने वाली फंडिंग बढ़ जाएगी। इसके साथ ही यहां के केंद्र व राज्य शासन के अधिकारियों को दी जाने वाली सुविधाएं और भत्तों में बढ़ोतरी होगी। अभी उन्हें C ग्रेड सिटी की सुविधाएं व भत्ते दी जा रही है। B ग्रेड सिटी होने का सीधा फायदा अधिकारी-कर्मचारियों को मिलेगा।

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