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कोरोना मुक्त ग्रामों का सच:जो मौतें हुईं, उनमें ज्यादातर के टेस्ट नहीं हुए थे, यानी मौत कैसे हुई यह भी पूरी तरह संदिग्ध

बिलासपुर2 महीने पहलेलेखक: संजय मिश्रा
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जिन गांवों में कोरोना का एक भी मरीज नहीं था, उसे शासन ने कोरोना मुक्त बता दिया। ये हम नहीं कह रहे बल्कि उस गांव के ही ग्रामीण और सरपंच दावा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हमने कोरोना काल में पूरा एहतियात बरता, शादी कैंसिल करवाई, न किसी को गांव में आने दिया और न ही जाने दिया। अपने गांव को कोरोना से बचा लिया। कोई मौत नहीं हुई। हमारे गांव में जब कोरोना फैला ही नहीं तब मुक्त होने का सवाल ही नहीं उठता।

जिला पंचायत की सूची में जिले के मस्तूरी ब्लॉक के 11, कोटा के चार, मस्तूरी के 3 तो तखतपुर ब्लॉक के 31 गांवों को कोराना मुक्त बताया गया है। मस्तूरी ब्लॉक के ग्राम कौवाताल के ग्रामीणों के मुताबिक उनके गांव में किसी को कोरोना नहीं हुआ। सालिकराम ने बताया कि कुछ मौतें हुई लेकिन वे कोरोना से नहीं थी। सरपंच छोटेलाल सूर्यवंशी ने बताया कि उनके गांव में कोरोना का एक भी केस नहीं था। ऐसे में कोरोना मुक्त होने का सवाल नहीं है। बिल्हा ब्लॉक के कड़री पंचायत के आश्रित ग्राम नगपुरा के दिलेश वर्मा ने बताया कि उनके गांव में किसी को कोरोना नहीं हुआ।

हमने गांव में शादी तक नहीं होने दी। इसमें एक ही गांव में होने वाली शादी भी शामिल है। यानी एक ही गांव में दो परिवारों के लड़के व लड़की के बीच रिश्ता तय हुआ था। उसे तक कैंसिल कर दिया। भिलमी ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम पाड़ेपुर के भूपेंद्र यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उनके यहां जो लोग बाहर मजदूरी करने जाते थे, वे इस बार कोरोना फैलने के पहले ही आ गए। वहीं ज्यादातर तो इस बार गए ही नहीं। इस कारण कोरोना फैला ही नहीं। लोगों ने जाकर टेस्ट भी कराया लेकिन सभी का निगेटिव आया।

जहां कोरोना नहीं पहुंचा बता रहे, वहां मौतें भी हुई
शासन के मुताबिक जिले के 54 ग्रामों में कोरोना पहुंचा ही नहीं। यानी किसी को कोरोना नहीं हुआ। मौतें भी हुई और यह भी कि उनका कोरोना टेस्ट नहीं हुआ था। ग्राम पंचायत डोमनपुर के सरपंच कामता प्रसाद जायसवाल का कहना है कि अश्वनी जायसवाल और सुशील मिश्रा की मौत कोरोना से हुई थी। इसके अलावा 6 अन्य ऐसे लोगों की मौत हुई जिनका टेस्ट नहीं हुआ। यानी इनमें से भी कुछ की मौत कोरोना से हो सकती है। ग्राम पंचायत सिंघनपुरी के सरंपच राहुल शुक्ला ने बताया कि उनके पंचायत के नेवसा में दो केस मिले थे। लेकिन मौत किसी की नहीं हुई। भाड़म पंचायत सरपंच सीताराम सिंगरौल ने बताया कि तीन मौतें हुई थी लेकिन किसी का टेस्ट नहीं हुआ था। तखतपुर के मेड़पार छोटा के सरपंच दिलहरण केंवट ने बताया कि एक ग्रामीण की मौत हुई थी।

कोरोना मुक्त भी और यहां कोरोना भी नहीं
कुछ गांव ऐसे भी है जो शासन की दोनों सूचियों में है। यानी वहीं गांव कोराेना मुक्त और कोरोना पहुंचा ही नहीं, उन सूचियों में शामिल हैं। जैसे सेलर पंचायत का ग्राम पिपरा दोनों सूची में है। हालांकि गांव की जनसंख्या महज 153 हैं। तखतपुर ब्लॉक के कबराकापा, बुटेना, डिघोरा, नेवसा आदि गांव भी दोनों सूची में शामिल हैं।

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