पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

स्वास्थ्य मंत्री को चिट्‌ठी:अपोलो में लापरवाही से मेरी बच्ची मौत के मुंह में पहुंच गई

बिलासपुर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • ये दर्द है टिकरापारा में रहने वाले पीड़ित पिता का, जिसकी 23 साल की बेटी दुर्घटना में घायल हुई तो जान बचाने के लिए अपोलो लेकर पहुंचे, सवा लाख खर्च फिर भी सही इलाज नहीं मिला

आशीष दुबे | टिकरापारा में महाराष्ट्र मंडल गली की रहने वाली एक 23 वर्षीय बेटी के पिता ने स्वास्थ्य मंत्री को चिट्‌ठी लिखी है। उन्होंने अपोलो के डॉक्टरों की लापरवाही की बात लिखते हुए बताया है कि यहां उनकी हंसती-खेलती बच्ची मौत के मुंह तक जा पहुंची है। एक छोटी सी सड़क दुर्घटना होने के बाद बच्ची के बाएं हाथ में चोट लगी थी। जिसके बाद उसे अपोलो में भर्ती करवाया था। यहां ही उसे उस तरह से इलाज नहीं मिला, जिसकी परिजनों को उम्मीद थी। प्रबंधन ने उनसे सवा लाख रुपए ऑपरेशन सहित अन्य खर्च के नाम पर जमा करवा लिए हैं। और भी पैसे मांगे जा रहे हैं। पर प्रबंधन बच्ची की स्थिति के बारे में उन्हें बताने को तैयार नहीं है। वह वेंटिलेटर पर है। मौत से जिंदगी के लिए लड़ रही है। फिर भी प्रबंधन या उनके ओहदेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।  
यहां के विजय सिंह का टिकरापारा में रेलवे क्षेत्र से लगा हुआ मकान है। वे और परिवार के लोग रहते हैं। यहां ही उनकी बेटी 23 साल की निशा सिंह भी साथ रहती हैं। 24 जून को सुबह के वक्त वह रेलवे इलाके में मॉर्निंग वाॅक करने निकली थी। तभी पीछे से किसी अज्ञात वाहन के चालक ने उसे टक्कर मार दी। हादसे के बाद वह जख्मी होकर जमीन पर गिर गई और आसपास के लोगों ने उसे अपोलो में भर्ती करवा दिया। जिन्होंने निशा को भर्ती करवाया, उन्होंने उसी के मोबाइल से नंबर लेकर घरवालों को सूचना दी। आनन-फानन में घरवाले अस्पताल पहुंचे। यहां देखा कि निशा को इमरजेंसी में रखा गया है। उसके बाएं हाथ में चोट लगी है। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसके हाथ की नस कट जाने की बात बताई। उन्होंने निशा का ऑपरेशन कराने की बात कही। और पिता को अपोलो प्रबंधन ने सवा लाख रुपए जमा करने को कहा। पिता विजय सिंह ने पैसे इकट्ठे कर अपोलो प्रबंधन के अकाउंट में जमा करवाए। इसके बाद बच्ची का डॉक्टरों ने ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन होने के बाद बच्ची स्वस्थ थी। बातचीत कर रही थी। इसके बाद उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया और दूसरे दिन डॉक्टरों ने परिजनों को प्लास्टिक सर्जरी कराने को कहा। 
प्लास्टिक सर्जरी के बाद बिगड़ी हालत
डॉक्टरों ने 27 जून को निशा की प्लास्टिक सर्जरी करवाई। इसके बाद ही उसके शरीर में परेशानी शुरू हुई। उसके शरीर से लगातार खून बहता चला गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद शारीरिक दिक्कतें होना बताया। जिसके बाद डॉक्टरों ने इसकी भी जांच की और कुछ दवाएं दीं। फिर भी यह नियंत्रित नहीं हुआ और हालत बिगड़ती गई। पिता का आरोप है कि उसके बेटी के शरीर से ज्यादा खून बहने के कारण उसका ब्लड प्रेशर और पल्स कम होती गई। और उसे वेंटिलेटर में रखने की लाचारी बन गई। अभी वह दो दिन से वेंटिलेटर में है। प्रबंधन यह बताने को तैयार नहीं है कि उनकी बच्ची की वास्तविक स्थिति क्या है? इसे लेकर पिता के मन में कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को लिखी चिट्ठी में यह स्पष्ट कर दिया है कि इस स्थिति तक लाने के जिम्मेदार डॉक्टर ही हैं। जिनके खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। 
हमारी प्राथमिकता बच्ची को बचाना है
"अपोलो में सड़क दुर्घटना में घायल हुई निशा का मामला मेरे संज्ञान में है। बच्ची की जिंदगी बचाना हमारी प्राथमिकता है। डॉक्टरों से लापरवाही हुई है या नहीं इस बारे में कुछ नहीं कहूंगा। उनके पिता का गुस्सा जायज है। निशा की स्थिति धीरे-धीरे अब सुधर रही है। हमारा पूरा ध्यान उसी पर लगा है।"
-डॉ. सजल सेन, सीईओ, अपोलो, बिलासपुर

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज किसी समाज सेवी संस्था अथवा किसी प्रिय मित्र की सहायता में समय व्यतीत होगा। धार्मिक तथा आध्यात्मिक कामों में भी आपकी रुचि रहेगी। युवा वर्ग अपनी मेहनत के अनुरूप शुभ परिणाम हासिल करेंगे। तथा ...

और पढ़ें