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मुआवजा नहीं:बेटियों की शादी के लिए रुपया चाहिए, किसान हाईकोर्ट पहुुंचा

बिलासपुर9 दिन पहले
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  • 4-लेन हाईवे बनाने के लिए किसानों की अधिग्रहित जमीन का मुआवजा एनएचएआई ने नहीं दिया

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने रायपुर-बिलासपुर 4-लेन हाईवे बनाने के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित करवाई। लेकिन इसके बदले दिए जाने वाला मुआवजा नहीं दिया। एक किसान ने हाईकोर्ट में याचिका और आवेदन प्रस्तुत किया है।

इसमें उसने मामले की त्वरित सुनवाई, 70 फीसदी राशि दिलाने की मांग की है, जिससे व अपनी दो बेटियों की शादी कर सके। बिल्हा भोजपुरी निवासी दिलीप कुमार कोसले ने अधिवक्ता लवकुश कुमार साहू के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें बताया है कि भोजपुरी टोल प्लाजा के पास हाईवे पर जहां पुल बना है वहां पहले उनकी जमीन थी। भोजपुरी मोड पर पक्का मकान, 5 दुकान के साथ ही 10 डिसमिल जमीन पर वे रह रहे थे।

उनसे एनएच-130 के लिए हुए 2011 में सर्वे के आधार पर पहले सामने की दुकान वाली जमीन अधिग्रहित की गई। इसके बदले में 2016-17 में मुआवजा दिया गया। बाद में जब हाइवे का निर्माण शुरू हुआ तो चौड़ीकरण के लिए 2016-17 में फिर से बची हुई शेष जमीन लेकर अवार्ड की राशि नहीं दी। मुआवजा नहीं मिलने पर किसान लगातार अधिकारियों को आवेदन दे देकर परेशान हो चुका है। इसके लिए पूर्व में उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, इस पर हाईकोर्ट ने 90 दिनों के भीतर मुआवजा प्रकरण का निराकरण करने का आदेश दिया था। इस मामले में किसान के अभ्यावेदन पर भू अर्जन अधिकारी बिलासपुर ने आदेश पारित कर एनएचएआई को तत्काल मुआवजा राजस्व विभाग में जमा करने का आदेश दिया था।

जिससे किसान को मुआवजा दिया जा सके। इसके बाद भी एनएचएआई ने आदेश का कंपलायंस नहीं किया और न ही किसान को मुआवजा दिया। इस पर दोबारा से याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसमें बताया है कि उसके घर उसकी लड़की नीलम व पूनम की 18 अप्रैल को शादी है। मुआवजा के रूप में 7.24 लाख रुपए मिलने हैं। साथ ही सुनवाई के दौरान एक अंतरिम आवेदन प्रस्तुत कर मांग किया कि मुआवजा की 70 फीसदी राशि दिलाई जाए जिससे वे अपनी लड़कियों की शादी कर सके। साथ ही मामले की त्वरित सुनवाई करने की मांग की है।

सीमांकन के बाद नहीं दे रहे प्रतिवेदन
हाईकोर्ट में किसान ने याचिका दायर कर अपनी जमीन का सीमांकन कराकर स्पष्ट प्रतिवेदन दिलाने की मांग की है। पूर्व में उसके आवेदन पर तहसीलदार ने जो सीमांकन कराया है उसका प्रतिवेदन अब तक किसान को नहीं मिलने से वह परेशान है। रतनपुर के ग्राम अकलतरी के रहने वाले किसान राजकुमार सूर्यवंशी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने बताया है कि उन्होंने तहसीलदार के समक्ष अपनी जमीन के सीमांकन करने के लिए आवेदन दिया था। इस पर सही माप जोख कर हल्का पटवारी ने समुचित नजरी नक्शा व स्पष्ट प्रतिवेदन नहीं दे रहे हैं। उच्च अधिकारियों को आवेदन देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, न ही उनके मामले में सुनवाई हो रही है। कोर्ट ने किसान ने मांग किया है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई के लिए निर्देशित करें।

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