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छत्तीसगढ़...सड़कों में गड्‌ढे:प्रदेश में सड़कों की बदतर स्थिति पर हाईकोर्ट ने कहा- बताओ कि सड़कें कब बननी शुरू हुईं और कब पूरी हुईं, नए टेंडर का स्टेटस क्या

बिलासपुर2 महीने पहले
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भिलाई-रायपुर रोड खस्ताहाल। (जनहित याचिकाओं पर लिया संज्ञान, 32 सड़कों की रिपोर्ट कोर्ट में पेश, भास्कर ने भी लगातार उठाया मुद्दा) - Dainik Bhaskar
भिलाई-रायपुर रोड खस्ताहाल। (जनहित याचिकाओं पर लिया संज्ञान, 32 सड़कों की रिपोर्ट कोर्ट में पेश, भास्कर ने भी लगातार उठाया मुद्दा)

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश की सड़कों पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि ये दुख की बात है कि खराब सड़कों से होने वाली दुर्घटनाओं को हम रोक नहीं पा रहे हैं। राज्य शासन को तुरंत सभी गड्‌ढे भरने चाहिए ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं को रोका जा सके। हाईकोर्ट ने शासन और एजेंसी को ये भी आदेश दिया है कि जिस सड़क में कार्य चल रहा हो, उस सड़क में कार्य प्रारंभ होने की तारीख व कार्य पूर्ण होने की तारीख और जिस सड़क का टेंडर ही जारी न हुआ हो, उसकी स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करें। हाईकोर्ट ने जनहित याचिकाओं पर यह संज्ञान लिया है। गौरतलब है कि दैनिक भास्कर ने भी खराब सड़कों को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित की।

एनएच के हालात बेहद खराब
इसमें खासकर एनएच के हालात बेहद खराब थे। हाईकोर्ट में खराब सड़कों को लेकर चल रही जनहित याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान हिमांक सलूजा और स्वत: संज्ञान जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने अलग-अलग आदेश व सुनवाई के लिए तारीख तय की है। इस दौरान न्यायमित्रों द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर की गई कार्रवाई के संबंध में राज्य सरकार और नगर निगम बिलासपुर को 28 अक्टूबर तक ज्वाइंट इंस्पेक्शन रिपोर्ट न्याय मित्रों, सरकार व नगर निगम को प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

सुनवाई के दौरान शासन की तरफ से बताया गया कि सड़क का निर्माण और मरम्मत की कार्रवाई शुरू हो गई है। न्यायमित्र प्रतीक शर्मा ने बिलासपुर सीपत रोड में अशोक नगर के पास अल्पना शर्मा के दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी दी। इस पर कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश प्रशांत मिश्रा व न्यायाधीश रजनी दुबे ने पीड़ा व्यक्त करते हुए शासन को तुरंत सभी गड्ढ़ों को भरने का आदेश दिया, जिससे भविष्य में जनता को दुर्घटना और नुकसान से बचाया जा सके। हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव, प्रतीक शर्मा व राघवेंद्र प्रधान को न्यायमित्र नियुक्त कर सड़कों का जायजा लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा था।

इनके द्वारा प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर हाईकोर्ट ने पूरे प्रदेश की सड़कों की हालत खराब होने की बात करते हुए एक नई याचिका रजिस्टर करवाई। इसे स्वत: संज्ञान जनहित याचिका के रूप में लेकर हाईकोर्ट ने सुनवाई शुरू की। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने प्रांरभिक रिपोर्ट के आधार पर राज्य शासन व नगर निगम को स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा था।

बुधवार को सुनवाई के दौरान सड़कों के मरम्मत व निर्माण की निगरानी के लिए सालसा की ओर से अधिवक्ता आशुतोष सिंह कछवाहा को नियुक्त किया। नेशनल हाइवे व छत्तीसगढ़ पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को नोटिस जारी किया। इस दौरान न्यायमित्र प्रतीक शर्मा ने छत्तीसगढ़ राज्य की खराब सड़कों की लिस्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिसे रिकॉर्ड में लेते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को स्टेटस रिपोर्ट फोटो सहित प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

साथ ही यह भी आदेशित किया कि जिस सड़क में कार्य चल रहा हो उस सड़क में कार्य प्रारंभ होने की तारीख व कार्य पूर्ण होने की तारीख और जिस सड़क का टेंडर ही जारी न हुआ हो उसकी भी जानकारी विशेष रूप से प्रस्तुत करें। राज्य सरकार और नेशनल हाईवे अथॉरिटी को अपने अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत स्टेटस रिपोर्ट सम्पूर्ण जानकारी सहित चार्ट के रूप में 22 अक्टूबर 21 की सुनवाई के पूर्व प्रस्तुत करने का आदेश दिया। स्वत: संज्ञान याचिका पर अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को और हिमांक सलूजा की जनहित याचिका पर अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होनी है।

अशोकनगर, तमनार व अंबिकापुर दुर्घटना का मुद्दा उठा
न्यायालय में सुनवाई के दौरान न्यायमित्र प्रतीक शर्मा ने बिलासपुर के अशोक नगर में हुई दुर्घटना में अल्पना शर्मा के हाथ टूटने की जानकारी दी। साथ ही तमनार में हुई दुर्घटना में सेतकुंवर खादिया की और अंबिकापुर के अंबेडकर चौक पर हुई दुर्घटना में मौत की जानकारी दी गई। सभी घटनाओं पर हाईकोर्ट ने दुख व्यक्त करते हुए राज्य शासन को आगे से गड्‌ढे की वजह से दुर्घटना न हो, इसलिए तेजी से गड्‌ढों को भरने का काम करने का आदेश दिया गया।

प्रदेश की इन 32 खराब सड़कों की रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश
तमनार अडानी कोल माइन रोड, बिलासपुर सीपत रोड, जांजगीर-चांपा से बाराद्वार व जांजगीर शहर, रायगढ़-खरसिया-डभरा, छाल से धरमजयगढ़, मस्तुरी से पामगढ़, शिवरीनारायण-भटगांव-सरसींवा-सारंगढ़, हाटी-धरमजयगढ़-पत्थलगांव, रायगढ़-धरमजयगढ़, लुडेग-कुनकुरी, अंबिकापुर-बदौली-सीतापुर, अंबिकापुर जिला अस्पताल से बिलासपुर चौक मार्ग, अंबिकापुर-धनवार बैरियर यूपी सीमा, बिलासपुर-रतनपुर-रतनपुर बायपास, बेलतरा-कटघोरा, रतनपुर-सिल्ली-पाली, मुंगेली-पंडरिया, पंडरिया-कवर्धा, लोरमी-खाम्ही, रायपुर-भिलाई, डबरापारा भिलाई, बिलासपुर निगम व ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें, बिल्हा-बरतोरी, लोरमी-खुड़िया डेम, सीपत-झलमला, दुर्ग-विनायकपुर, सिलतरा-उरला-भनपुरी, बांसा-गढ़फुलझार महासमुंद, अंबिकापुर शहर, विश्रामपुर-कटघोरा, बैकुंठपुर-छिंदडांड, कांकेर-केशकाल सड़कें खराब हैं।