ट्रेन से वन भ्रमण:डेढ़ किमी जंगल के एरिया को घुमाया जाएगा, कानन में कल से चलेगी ट्रेन, रास्ते में दिखेंगे वन्यजीव

बिलासपुर25 दिन पहले
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  • बड़ों का 30 और बच्चों का किराया 20 रुपए रखा गया है

कानन पेंडारी में अब सैलानी ट्रेन से वन भ्रमण कर सकेंगे। कानन एक्सप्रेस नाम की ट्रेन मंगलवार से शुरू हो रही है। वन भ्रमण के लिए चालू की जा रही इस ट्रेन में 30 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। ट्रेन में यात्रा के दौरान सैलानियों को जंगल के सभी प्रजातियों के वन्यजीव देखने को मिलेंगे। जहां से ट्रेन गुजरेगी, वहीं शेर, हिरण, दरियाई घोड़ा, बाइसन सहित सभी जीव दिखाई देंगे।

साथ ही जंगली पेड़ों के बारे में भी बताया जाएगा। 11 साल पहले कानन प्रबंधन ने 30 लाख रुपए खर्च कर ट्वाय ट्रेन खरीदी थी। कुछ दिन चलने के बाद यह बंद हो गई और तब से कबाड़ में पड़ी थी। अब कानन अधीक्षक संजय लूथर ने ट्रेन की मरम्मत कराई और उसे फिर से चालू करने का फैसला लिया है ताकि चिड़ियाघर आने वाले यात्री ट्रेन में बैठकर जंगल की बारीकियों के बारे में जान सकें। तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंगलवार से पर्यटक ट्रेन का सफर कर सकेंगे। 40 मिनट ट्रेन में बैठकर घूमेंगे जंगल: दो बोगी की इस ट्रेन से सैलानियों को डेढ़ किलोमीटर जंगल के एरिया को घुमाया जाएगा। जिस रूट में ट्रेन चलेगी, सभी जगह जंगली पेड़ और वन्यजीवों के बैनर पोस्टर के साथ हकीकत के वन्यजीवों को भी दिखाया जाएगा। ट्रेन को यात्रा पूरी करने में 40 मिनट लगेंगे।

2010 में अमरावती से खरीदी थी ट्रेन
कानन पेंडारी जू प्रबंधन ने वर्ष 2010 में दो बोगी और 30 सीटर वाली ये ट्रेन अमरावती से खरीदी थी। इसका उद्देश्य ये था कि पर्यटक ट्रेन में सैर कर जू का लुत्फ उठा सकें। उस समय एक-दो दिन यह चलाई भी गई। पर इससे पहले कि पर्यटकों के यह उपयोग में आती। यह कहते हुए पाबंदी लगा दी गई कि इसके इंजन में तेज आवाज है। जू में इसका परिचालन वन्य प्राणियों के लिए सही नहीं है। इसकी आवाज से वन्य प्राणियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। इसके बाद से ट्रेन जू में ही खड़ी रही। सालों से एक जगह भी खड़े रहने के कारण धूल जमने के साथ जंग भी लग चुकी थी। किसी ने इसके परिचालन को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई। जू अधीक्षक संजय लूथर ने इस ओर ध्यान दिया और परिचालन शुरू करने का फैसला लिया।

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